संवाददाता@रामकेश यादव..….

पसही विद्युत उपकेंद्र से संचालित होने वाले केकराही फीडर की आपूर्ति बाजार से होकर जाती है जहां में सड़क के किनारे चार दशक पूर्व 25 केवीए का ट्रांसफार्मर पोल पर लगाया गया था ।फिर उसी पर सौ केविए का ट्रांसफार्मर लगा दिया गया ।तत्पश्चात ट्रांसफार्मर लगाने वाला विद्युत पोल बिल्कुल जर्जर हालत में हो चुका है। बढ़ती आबादी को देखते हुए विद्युत विभाग ने बाजार में ढाई सौ के विए का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए उसे पोल से कुछ दूरी पर जमीन निर्धारित किया है।
जहां वह जमीन ग्रामीणों के लिए उचित नहीं समझ में आ रहा है ।क्योंकि वहां से लोगों का गांव में जाने के लिए रास्ता भी है।उसके बदले में ढाई सौ के विए का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कराही के बगल में ग्रामीणों द्वारा सरकारी जमीन बताया जा रहा है। परंतु विद्युत विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारियों ने यह सब सुनने से इनकार कर रहे हैं ।
जिसके लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की और जिलाधिकारी ,अधिशाषी अभियंता, एसडीओ, एवं अवर अभियंता के अलावा घोरावल के विधायक डॉक्टर अनिल मौर्य को भी लिखिए पत्र देकर सभी जगह ग्रामीणों द्वारा अवगत करा दिया गया है ।कि जहां पर ढाई सौ केवीए का ट्रांसफर लगाया जा रहा है वहां ग्रामीणों के लिए उचित नहीं है घनी आबादी है फाल्ट करने पर जन हानी हो सकती है।तार भी जमीन से लगभग दो या तीन फीट की ऊंचाई पर लटक रहा है।

जिसके लिए वहां न लगाकर खाली पड़ी जमीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बगल में लगा दिया जाए । अब देखना है कि विद्युत विभाग यह ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कौन सा जगह निश्चित करके लगता है। ग्रामीण ग्रामीणों की बात अटल होती है अथवा विद्युत विभाग अपने मनमानी की तरीके से काम करता है ।इस संदर्भ में सहायक अभियंता श्रवण कुमार ने बताया कि अभी जिस जगह ट्रांसफार्मर रखा गया है।
उसे ग्रामीणों के कहने पर थोड़ा रोड की साइड की तरफ लगाया जा सकता है ट्रांसफार्मर लगाने के बाद चारों तरफ से बैरिकेटिंग कराया जाएगा उससे कोई किसी को खतरा नहीं रहेगा उन लोगों का विरोध करना उचित नहीं है ।अगर ट्रांसफार्मर दूसरी जगह लगवाना है तो विद्युत विभाग के नियमानुसार कार्यवाही करे। इस मौके पर राम चंद्र, राम सिंह,अरविंद,विजय कुमार ,लाल बिहारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे





