संवाददाता@आनंद गुप्ता…..

विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली गांव में सोमवार दोपहर तेज आंधी-पानी और गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से सात पशुओं की मौत हो गई। इस घटना से प्रभावित पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, फूलवार निवासी रुपन यादव तथा जोरूखाड़ गांव निवासी सुखाई गोंड सोमवार को अपने क मवेशियों को लेकर टहरिया खोली के जंगल में चराने गए थे। दोपहर में अचानक मौसम खराब हो गया। तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक शुरू होने पर दोनों पशुपालक मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान कुछ पशु एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। तभी तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के पास गिरी, जिसकी चपेट में आकर रुपन यादव के चार तथा सुखाई गोंड के दो पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई।

दूसरी घटना जोरूखाड़ गांव में हुई, जहां इंद्रजीत यादव की घर पर बंधी एक भैंस भी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इंद्रजीत यादव ने बताया कि भैंस आठ माह की गर्भवती थी।
एक ही दिन में अलग-अलग स्थानों पर सात पशुओं की मौत से पशुपालकों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रशासन से पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही इन परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है, इसलिए सरकारी सहायता जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए।





