संवाददाता@विशाल टंडन…

भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय रॉबर्ट्सगंज में सोमवार को जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष नन्दलाल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी नेता और भारत की एकता व अखंडता के प्रतीक थे।
उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा देकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने डॉ. मुखर्जी ने शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दिया। देश विभाजन के समय पश्चिम बंगाल को भारत में बनाए रखने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।

उन्होंने स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं, लेकिन राष्ट्रहित के मुद्दों पर समझौता न करते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना की।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद नरेन्द्र कुशवाहा, अजीत रावत, बृजेश श्रीवास्तव, शम्भूनारायण सिंह, महेश्वर चन्द्रवंशी, अमरेश पटेल, जिला महामंत्री संतोष शुक्ला, अशोक मौर्य, मंजू गिरी, प्रसन्न पटेल, हरिराम चेरो, रजनीश रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





