संवाददाता@विशाल टंडन……

समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने भाजपा सरकार पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। सपा जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव ने दावा किया कि प्रदेश की 22 भर्ती परीक्षाओं में पीडीए वर्ग की 11,514 आरक्षित सीटों का नुकसान हुआ है, जो सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। रामनिहोर यादव ने कहा कि आरक्षण केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समानता स्थापित करने का संवैधानिक अधिकार है।
उनका आरोप था कि विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों का समुचित पालन नहीं किए जाने से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी के पीडीए जागरूकता अभियान और आरक्षण ऑडिट के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां संविधान की भावना के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षित वर्ग के युवाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, समान अवसर और आरक्षण की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी तथा पीडीए समाज को जागरूक कर उनकी आवाज को मजबूत बनाएगी।

प्रदेश सचिव चौधरी यशवंत सिंह पटेल ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का आघात स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से आरक्षण से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पीडीए आरक्षण और संविधान दोनों खतरे में हैं।
इसलिए समाजवादी पार्टी गांव-गांव और बूथ स्तर तक अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करेगी तथा आरक्षण बचाने के लिए व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी। प्रेस वार्ता में मुनीर अहमद, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय यादव, विजय यादव, जिला महासचिव मोहम्मद सईद कुरैशी, सुनील गौड़, मनु पांडेय, परमेश्वर यादव, अशोक पटेल, अनिल प्रधान, सुभाष यादव, फारूक अली, जिलानी, कृष्णा पंडित सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





