मुख्य संवाददाता@सौरभ गोस्वामी…..

ओबरा। इंटक के जिला अध्यक्ष हरदेव नारायण तिवारी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत जुगैल ब्लाक चोपन के 18 आदिवासियों की जमीन वनाधिकार समिति सदस्य अमृतलाल बैगा द्वारा गलत तरीके से अधिकारियों को गुमराह कर पट्टा करा लिया गया है। यह आदिवासी अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोग हैं विगत 25- 30 वर्ष से जोत कोड़ कर रहे थे।
वही अमृतलाल बैगा ग्राम पंचायत जुगैल अंतर्गत पांच स्थानों पर अपने और अपने परिवार जनों के नाम वन की जमीन को पट्टा कराया है। इसकी जांच की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया और मांग किया गया कि इसकी यथाशीय जांच किया जाए और गलत ढंग से किए गए पट्टे को निरस्त किया जाए ।

इस संबंध में जिलाधिकारी सोनभद्र को पत्र दिया गया जिलाधिकारी ने डीएफओ ओबरा एवं समाज कल्याण अधिकारी सोनभद्र को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अंदर इसकी जांच कर आख्या दें। इंटक जिला अध्यक्ष श्री तिवारी ने कहा कि यह 18 आदिवासी जो जमीन का जोत कोड़ कर रहे थे उनके खीलाफ बीते 8 अक्टूबर 2019 को वन वनरक्षक जुगैल द्वारा जुगैल थाने पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ 12000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। जिसे इन आदिवासियों द्वारा जुर्माना के रूप में पैसे को भरा था।
कहा कि इन आदिवासियों में इस जमीन के विवाद को लेकर मारपीट की प्रबल संभावनाएं बढती जा रही है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला महासचिव शमीम अख्तर खान,राम प्रसाद,चंन्दर,राम नारायण,ललिते, गोरखनाथ, देवधारी लाल आर पी सिंह, चन्दर, सुरेश , हरिलाल, सियाराम, रामपति ,गुलाब बैगा ,मोहरलाल, भैया राम सहित भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।





