संवाददाता@विशाल टंडन…..

राज्य कर विभाग द्वारा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, कर संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा विभाग एवं व्यापारियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मिर्जापुर मंडल से आए ज्वॉइंट कमिश्नर डी.के. दुबे ने किया।कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी के विभिन्न प्रावधानों, ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, ई-वे बिल, कर अनुपालन एवं शासन द्वारा संचालित सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।

इस दौरान व्यापारियों ने अपनी समस्याएं, सुझाव एवं व्यवहारिक कठिनाइयां अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने राज्य कर विभाग कार्यालय में व्यापारियों के बैठने एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने का मुद्दा उठाते हुए तत्काल सुधार की मांग की।
उन्होंने हाईकोर्ट की गाइडलाइन का उल्लेख करते हुए कहा कि एक राज्य से दूसरे राज्य जा रहे माल को बीच मार्ग में सचल दल द्वारा अनावश्यक रूप से न रोका जाए और न ही माल सीज किया जाए। साथ ही उन्होंने ट्रांसपोर्ट वाहनों के चालकों से मोबाइल एवं चाबी लेने की प्रथा पर रोक लगाने की मांग की। कौशल शर्मा ने कहा कि कोरोना काल के बाद व्यापारी वर्ग आर्थिक रूप से कमजोर हुआ है तथा ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव से छोटे व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं।

जटिल कानूनी प्रक्रियाओं के कारण भी छोटे व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।कार्यक्रम में व्यापारियों ने विभागीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम विभाग और व्यापारियों के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं तथा समस्याओं के त्वरित समाधान का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर रितेश मिश्रा, बी.के. बंसल, असिस्टेंट कमिश्नर सुधीर गौतम, अजय यादव, राज्य कर अधिकारी उपेंद्र कुमार, मनीष कुमार, लेखाकार जुनैद, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक श्रीवास्तव, एस.पी. सिंह, ध्रुव प्रताप सिंह, सियाराम सिंह, पवन शर्मा, धर्मेंद्र ओझा, भगत सिंह, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।





