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Pandit Gopal Sharma: अलवर के वरिष्ठ खेल प्रशिक्षक और पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी पंडित गोपाल शर्मा ने अपने खेल जीवन और कोचिंग के जरिए जिले का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. 1962 से 1971 तक खिलाड़ी के रूप में शानदार प्रदर्शन करने के बाद उन्होंने अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार किया, जिनमें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे. बास्केटबॉल के विकास में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें अलवर के खेल जगत की प्रमुख हस्तियों में गिना जाता है. अब लंबे अंतराल के बाद मेजर राजेंद्र सिंह स्मृति बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन कर वे शहर में बास्केटबॉल की पुरानी पहचान को फिर से स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं.
अलवर. अलवर शहर के निवासी पंडित गोपाल शर्मा ने बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. गोपाल शर्मा न केवल एक प्रतिभाशाली बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे हैं, बल्कि उन्होंने जिले के अनेक खिलाड़ियों को भी इस खेल के लिए प्रशिक्षित कर नई पहचान दिलाई है. उनके मार्गदर्शन और योगदान से कई खिलाड़ियों ने बास्केटबॉल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. पंडित गोपाल शर्मा ने 1962 में बास्केटबॉल खेल में शुरुआत की और 1971 तक बास्केटबॉल खेला. इस दौरान राजस्थान की टीमों के कैंपों में खेल और अलवर का नाम देश भर में रोशन किया. उन्होंने साल 2014 में बास्केटबॉल प्रतियोगिता का अलवर में आयोजन कराया. इस दौरान लंबे अंतराल के बाद 12 साल बाद शहर में मेजर राजेंद्र सिंह स्मृति बास्केटबॉल प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया जो अब चर्चाओं में है.
पंडित गोपाल शर्मा ने बताया कि 1962 में बास्केटबॉल खेलना शुरू किया और 9 साल तक अलवर का नाम राज्य और देशभर में रोशन किया. साल 1971 के बाद उन्होंने कोच के रूप में खिलाड़ियों को तैयार करना शुरू किया. उनके द्वारा तैयार किए गए खिलाड़ियों ने अलवर की टूर्नामेंट में लड़के और लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की. उनके द्वारा तैयार किए गए, जिसमें उनकी ओर से प्रशिक्षित 5-6 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. दस से ज्यादा खिलाड़ी एनआईएस कोच तैयार किए, वहीं 25 से ज्यादा बास्केटबॉल खिलाड़ी तैयार किए, जिन्होंने राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीते. साथ ही पंडित गोपाल शर्मा ने कई नेशनल प्लेयर तैयार किए.
टेबल टेनिस में भी नेशनल स्तर पर खेल चुके
पंडित गोपाल शर्मा ने बताया कि अलवर की बास्केटबॉल नेशनल स्तर पर पहचान रखती थी, यहां पर बड़े-बड़े इंटरनेशनल प्लेयर है. उन्होंने बताया कि स्वर्गीय रमन गुप्ता के मुकाबले का खिलाड़ी भारत में में पैदा नहीं हुआ, जो इतने बेहतरीन खिलाड़ी थे. बास्केटबॉल अलवर की टीम ने विभिन्न उपलब्धियां हासिल की. लड़कियों की टीम ने 13 साल तक लगातार फाइनल खेली. 10 साल तक अंडर -17 लड़कियां, अंडर -17,19 लड़के, अंडर -19 लड़कियां लगातार फाइनल खेलते रहे. उन्होंने बताया कि जब तक बास्केटबॉल में हुए रहे तब तक अलवर की टीम पहले नंबर पर रही है. हालांकि कई बार चौथे और तीसरे स्थान पर भी टीम रही है.
उन्होंने बताया कि उसे समय बास्केटबॉल के अलवर शहर में काम ग्राउंड थे तब भी अच्छा परिणाम दिया गया था. लेकिन अब बड़ी संख्या में ग्राउंड होने के बाद भी बच्चे बास्केटबॉल के खिलाड़ी नहीं निकल रहे हैं, जिसका कारण मेहनत नहीं करना है. किसी को ध्यान में रखते हुए अब उन्होंने अलवर में लंबे अंतराल के बाद बास्केटबॉल प्रतियोगिता शुरू की है. जिसमें अलवर की बेस्ट छह टीम खेल रही हैं, ताकि बास्केटबॉल में अलवर से अच्छी टीम निकाल कर सामने आ सके. पंडित गोपाल शर्मा ने बताया कि वह टेबल टेनिस में भी नेशनल स्तर पर खेल चुके हैं और चैंपियन रहे हैं. करीब 3 साल तक चैंपियन रहे. टेबल टेनिस में वे राजस्थान में बेस्ट प्लेयर का भी अवार्ड हासिल कर चुके हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें







