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— आवर में 1.5 लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा

Sonbhadra। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री राहत (PM-RAHAT) योजना जनपद सोनभद्र में प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही है।
योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को “गोल्डन आवर” के दौरान अधिकतम ₹1.5 लाख तक का कैशलेस एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में घोरावल थाना क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में घायल 16 वर्षीय अनिल कुमार पुत्र बेचू निवासी ग्राम धनावल का उपचार पंचशील मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में पीएम राहत योजना के अंतर्गत किया जा रहा है।
दुर्घटना के उपरांत ग्राम प्रधान अरविंद निषाद द्वारा मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसे समय पर चिकित्सीय सहायता प्राप्त हो सकी। घायल अनिल कुमार का कुशलक्षेम जानने हेतु यातायात क्षेत्राधिकारी डॉ. चारू द्विवेदी, पीएम राहत योजना की नोडल अधिकारी डॉ. सुमन जायसवाल, पंचशील मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के डायरेक्टर पवित मौर्या, मां कुसुम फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार, सचिव कृष्ण कुमार यादव एवं कोषाध्यक्ष विनय कुमार यादव द्वारा अस्पताल पहुंचकर मुलाकात की गई तथा उसके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।
इस अवसर पर यातायात क्षेत्राधिकारी डॉ. चारू द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत योजना सड़क दुर्घटना के घायलों को त्वरित एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल पहुंचाएं, ताकि गोल्डन आवर के दौरान उपचार का लाभ मिल सके।
पीएम राहत योजना की नोडल अधिकारी डॉ. सुमन जायसवाल ने बताया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम ₹1.5 लाख तक का निःशुल्क एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक स्थिरीकरण उपचार (Stabilization Treatment) की सुविधा भी प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि जनपद के चिन्हित अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है तथा आपातकालीन सहायता हेतु ईआरएसएस-112 के माध्यम से एंबुलेंस एवं त्वरित सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि यह योजना राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों एवं शहरी क्षेत्रों में होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू है। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद उपचार में होने वाली देरी को रोकना तथा आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित होने की समस्या का समाधान करना है।





