Last Updated:
Commonwealth games 2026: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत से पहले भारत को दो बड़े झटके लगे हैं. डोपिंग रोधी नियम उल्लंघनों के कारण भारत का वेटलिफ्टिंग कोटा 16 से घटाकर 11 कर दिया गया, जिसके बाद चोटिल भारोत्तोलक दिलबाग सिंह को टीम से बाहर होना पड़ा. वहीं 73 किग्रा वर्ग के जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार डोप टेस्ट में फेल होने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर कर दिए गए हैं. राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया है.
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का अभियान
नई दिल्ली: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पहले ही दिन भारतीय दल को दो करारे झटके लगे. क्वालीफिकेशन अवधि के दौरान कई डोपिंग रोधी नियम उल्लंघनों (एडीआरवी) के कारण भारत का कोटा कम किए जाने के बाद भारोत्तोलक दिलबाग सिंह को राष्ट्रमंडल खेलों के लिए दल से बाहर कर दिया गया. इसके साथ ही भारतीय जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार को डोप टेस्ट में फेल रहने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों से हटा दिया गया.
पहले बात वेटलिफ्टिंग की
राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारत का वेटलिफ्टिंग कोटा 16 से घटाकर 11 कर दिया गया है. भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू की अगुवाई में 12 सदस्यीय टीम की घोषणा की थी. महासंघ का कहना है कि उसे कोटा घटाए जाने की जानकारी बुधवार को ही मिली. एक विश्वसनीय सूत्र ने पीटीआई से बातचीत में कहा:
महासंघ को 12 से घटाकर 11 भारोत्तोलकों का कोटा किए जाने की जानकारी कल ही मिली. चूंकि दिलबाग पीठ की चोट से जूझ रहे हैं और उन्होंने बर्मिंघम में आयोजित तैयारी शिविर के दौरान बिल्कुल भी ट्रेनिंग नहीं की इसलिए उन्हें टीम से बाहर करने का फैसला किया गया.
भारत के लिए क्यों करारा झटका?
कोटा में यह कटौती भारतीय भारोत्तोलन के लिए एक और बड़ा झटका है क्योंकि डोपिंग से जुड़े मामलों के कारण इस खेल को पहले भी कई बार प्रतिबंधों और दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है. राष्ट्रमंडल खेलों से पहले एन अजीत (71 किग्रा), साईराज परदेशी (88 किग्रा) और हरचरण सिंह (110 किग्रा) पर डोपिंग के कारण प्रतिबंध लगाया गया था. महिला भारोत्तोलक वंशिता वर्मा (86 किग्रा) को भी क्वालीफिकेशन अवधि के दौरान डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर प्रतिबंधित किया गया था.
अब बात जूडो प्लेयर अरुण की
अरुण 73 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करते हैं और उन्होंने पिछले महीने किंगदाओ ग्रांप्री में हिस्सा लिया था. राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने उन्हें अस्थाई तौर पर निलंबित किया है. भारतीय जूडो महासंघ से जुड़े एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘निलंबन की अधिसूचना आ गई है. हमें उन्हें हटाना पड़ा. भारत ने जूडो के लिए 14 सदस्यीय मजबूत टीम चुनी थी, जिसमें सात पुरुष और इतनी ही महिला खिलाड़ी शामिल थीं. अब भारतीय दल में 124 खिलाड़ी रह गए हैं. जूडो दल अभी ग्लास्गो के लिए रवाना नहीं हुआ है क्योंकि उनका इवेंट 31 जुलाई से शुरू होगा.
About the Author

अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. यहां स्पोर्ट्स कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल डायरेक्शन एंड स्ट्रेटजी मेकिंग का रोल संभाल रहे अ…
और पढ़ें







