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Sonbhadra । पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेशव्यापी अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान सहायकों ने “छह हजार में दम नहीं, तीस हजार से कम नहीं” जैसे नारे लगाकर अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाया।

पंचायत सहायकों का कहना है कि वर्ष 2021 से वे ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के संचालन, आयुष्मान कार्ड निर्माण, सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि, डेटा एंट्री और विभिन्न सर्वे कार्यों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन अब तक उनके मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। वर्तमान में उन्हें मात्र छह हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में बेहद कम है।
प्रदर्शन के दौरान महिला पंचायत सहायकों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। उन्होंने बताया कि सोनभद्र का अधिकांश क्षेत्र वन और पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है। विभिन्न सर्वे कार्यों के लिए उन्हें दूर-दराज के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में भेजा जाता है, जहां सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती।

उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से न तो मोबाइल फोन उपलब्ध कराया गया है और न ही इंटरनेट की सुविधा दी जाती है, जबकि सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से करने होते हैं। ऐसे में उन्हें अपने संसाधनों से कार्य करना पड़ता है।

यूनियन ने पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने, सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने, स्थायी सेवा नियमावली लागू करने तथा अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की है। पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी कि यदि 14 जून तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 15 जून को लखनऊ स्थित ईको गार्डेन में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

इस दौरान यूनियन के जिलाध्यक्ष अंकित कुमार, नैंसी सरोज, उषा मौर्या, अनिल कुमार मौर्या, दिनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में पंचायत सहायक मौजूद रहे।






