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vinesh phogat angrilly: ‘मैं असफल नहीं हुई, पूरी व्यवस्था से लड़ रही थी,’ एशियाई खेल चयन ट्रायल्स के सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से 4-6 से हारने के बाद विनेश फोगाट का दर्द छलक उठा. पेरिस ओलंपिक के बाद वापसी की उम्मीद लेकर उतरीं विनेश को वजन-माप से लेकर मैट तक भारी ड्रामे और भेदभाव का सामना करना पड़ा. निशु कुमारी को कड़े मुकाबले में हराने के बाद सेमीफाइनल में उनकी ऊर्जा जवाब दे गई. हालांकि, इस हार के बावजूद विनेश ने दो साल और खेलने का संकल्प जताते हुए कहा ‘मैं वापस आऊंगी.’
हार के बाद विनेश फोगाट ने लगाया भेदभाव का आरोप.
नई दिल्ली. पेरिस ओलंपिक 2024 के जख्मों को पीछे छोड़, जब भारत की जांबाज पहलवान विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स ट्रायल के मैट पर कदम रखा, तो हॉल तालियों की गूंज और जज्बात के सैलाब से सराबोर था. हर किसी को उम्मीद थी कि एक परीकथा जैसी वापसी की पटकथा लिखी जा रही है. लेकिन, व्यवस्था से लंबी कानूनी लड़ाई जीतकर रिंग में उतरीं विनेश की उम्मीदों पर सेमीफाइनल में पानी फिर गया, जब 53 किलोवर्ग के कड़े मुकाबले में उन्हें एशियाई चैम्पियनशिप की रजत पदक विजेता मीनाक्षी गोयत ने 4-6 से हरा दिया. इस हार के साथ ही विनेश राष्ट्रीय टीम में वापसी करने से महज दो जीत दूर रह गईं. स्टेडियम से बाहर निकलते वक्त विनेश के चेहरे पर हार का दर्द तो था, लेकिन जुबां पर व्यवस्था के खिलाफ तीखा आक्रोश और भविष्य के लिए एक बुलंद संकल्प भी साफ नजर आ रहा था.
शनिवार को मुकाबला शुरू होने से पहले ही खेल के गलियारों में भारी नाटकीयता देखने को मिली. आधिकारिक वजन-माप के दौरान दो बार की विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश को अचानक बताया गया कि वह केवल 50 किलोग्राम वर्ग में ही खेल सकती हैं, क्योंकि पेरिस ओलंपिक समेत पिछली चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने इसी भार वर्ग में हिस्सा लिया था. विनेश ने इस फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और महासंघ (WFI) पर सीधा आरोप लगाया कि उन्हें उनकी पसंद के भार वर्ग (53 किलो) से रोककर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. विवाद इतना बढ़ा कि आखिरकार डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा. उनके दखल के बाद विनेश को 53 किलोवर्ग के ट्रायल में उतरने की अनुमति मिली, जहां उनका वजन 53.9 किलोग्राम दर्ज किया गया.
हार के बाद विनेश फोगाट ने लगाया भेदभाव का आरोप.
#WATCH | दिल्ली | रेसलर विनेश फोगट ने कहा, “पूरा सिस्टम एक ओर था और मैं व मेरी टीम एक तरफ बैठे थे… सभी लोग मिले हुए हैं और एकतरफा लड़ाई है… मुझे हार या जीत से कोई समस्या नहीं है। पहली बार मैं नहीं हार रही हूं और हम हार कर ही सीखते हैं लेकिन जब पूरा सिस्टम आपके खिलाफ खड़ा हो… https://t.co/e8rO0rS3qz pic.twitter.com/ZRIPk5up2B






