रायबरेलीः उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया आज से अपना चुनावी रथ लेकर निकल रहे हैं. इस चुनावी रथ यात्रा का आगाज रायबरेली से होने वाला है. लेकिन इससे पहले ही शहर का माहौल एक पोस्टर से गरमा गया है. रायबरेली कई इलाकों में पोस्टर लगे हैं. पोस्टर में लिखा आजम खान, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, यही चलाते थे सरकार. पोस्टर पर इन तीनों लोगों की तस्वीर लगी हुई है. साथ में यह भी लिखा गया है कि अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश. वहीं पार्टी के कार्यकर्ता अपने नेता की स्वागत की तैयारी धूमधाम से कर रहे हैं. यहां पढ़ें पल-पल के अपडेट्स…
शुरू हुई अखिलेश यादव की रथ यात्रा
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा शुरू हो चुकी है. अखिलेश यादव बिल्कुल नए अंदाज में और उत्साहित नजर आ रहे हैं. अखिलेश यादव की इस यात्रा में हजारों की भीड़ पहुंची हुई है और सैकड़ों गाड़ियां भी मौजूद हैं. अखिलेश यादव लाल टोपी और समाजवादी गमछा पहने हुए नजर आए.
रायबरेली के लिए लखनऊ से निकले अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पीडीए रथ यात्रा के लिए लखनऊ से निकल चुके हैं. अखिलेश यादव रायबरेली में रथ पर सवार होंगे. हालांकि उनकी यात्रा शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने उनको निशाने पर ले लिया है.
बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का अखिलेश पर हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा की शुरुआत पर बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जानबूझकर अपनी यात्रा की शुरुआत रायबरेली से कर रहे हैं, जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी सांसद हैं. उनके मुताबिक सपा कांग्रेस को शक्ति प्रदर्शन के जरिए अपनी राजनीतिक हैसियत दिखाना चाहती है और दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर जोर आजमाइश चल रही है. राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अगर कांग्रेस को भी अपनी ताकत दिखानी है तो उसे कन्नौज या मैनपुरी से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत करनी चाहिए. उन्होंने अखिलेश यादव के साइकिल छोड़कर रथ पर सवार होने पर भी तंज कसा और कहा कि रायबरेली जाते समय उन्हें योगी सरकार के विकास कार्यों को भी देखना चाहिए.
कल्याण सिंह के घर न जाने पर अखिलेश यादव पर बीजेपी का हमला
अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा को लेकर बीजेपी नेता दिनेश प्रताप सिंह ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को राहुल लोधी के घर जरूर जाना चाहिए, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने लोधी समाज के बड़े नेता रहे कल्याण सिंह के घर जाकर श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी. दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि लोधी समाज जागरूक है और वह किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है. उन्होंने PDA का अर्थ बताते हुए इसे ‘परमानेंट डिवाइडेड अलायंस’ करार दिया और दावा किया कि अखिलेश यादव जिस PDA की बात कर रहे हैं, उसके साथ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग जगहों पर दलित समाज की ओर से अखिलेश यादव से सवाल पूछते हुए पोस्टर लगाए गए हैं.
स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश यादव को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा पर यूपी सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मोदी-योगी के नेतृत्व में जनता ने बीजेपी को स्वीकार किया है. स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार चरम पर था और कई जिलों में बिजली तक नहीं आती थी. उन्होंने कहा कि नियुक्तियों को लेकर लोग परेशान रहते थे और हर जाति के लोगों का शोषण होता था. स्वतंत्र देव सिंह ने दावा किया कि मौजूदा डबल इंजन सरकार में गरीबों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है. उन्होंने मुफ्त राशन, आयुष्मान कार्ड और गैस कनेक्शन जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के कामकाज का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिला है. उन्होंने नक्सलवाद और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, काशी कॉरिडोर और राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया और कहा कि यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है.
ओपी राजभर का अखिलेश की रथ यात्रा पर कटाक्ष
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा पर यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने पलटवार किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह यात्रा गुंडागर्दी और अपराध को बढ़ावा देने के लिए निकाली जा रही है. राजभर ने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए सपा के एक जिलाध्यक्ष पर पुलिस अधिकारी से बदतमीजी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उसी जिलाध्यक्ष के काम को सही साबित करने के लिए रायबरेली जा रहे हैं. ओपी राजभर ने सपा सांसद पप्पू निषाद से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया और दावा किया कि मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति के अपहरण के मामले में चार पीएसओ गिरफ्तार हुए थे. उन्होंने शिवपाल यादव के देवरिया दौरे का जिक्र करते हुए मंच पर कम भीड़ होने का दावा किया. राजभर ने PDA रथ यात्रा पर सवाल उठाते हुए मुजफ्फरनगर दंगों का भी जिक्र किया और अखिलेश यादव के तत्कालीन कार्यकाल को लेकर हमला बोला.
रायबरेली के चुरुआ से रथ पर सवार होंगे अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार से PDA रथ यात्रा की शुरुआत कर दी है. अखिलेश यादव रायबरेली के चुरुआ से PDA रथ पर सवार होंगे. इसे लेकर रायबरेली और आसपास के इलाकों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. लखनऊ से समाजवादी पार्टी का PDA रथ रायबरेली के लिए रवाना हो चुका है. अखिलेश यादव आज रायबरेली के दौरे पर रहेंगे, जहां रथ यात्रा के जरिए पार्टी के PDA एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी. यात्रा की शुरुआत ऐसे समय हो रही है जब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं.
अखिलेश यादव के खिलाफ रायबरेली में लगे पोस्टर
इसके अलावा लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर भी अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाया गया है. पीडीए रथ यात्रा से पहले पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर में अखिलेश यादव से पूछा गया सवाल,कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि कब देंगे? पोस्टर में लिखा, ‘अखिलेश जी, रोड पर 20 करोड़ की वैनिटी दौड़ा रहे, ये सड़क किसने बनवाई?’ लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर कई जगह अखिलेश यादव को ‘गिरगिटेश’ बताने वाले पोस्टर भी लगाए गए. बता दें कि आज रायबरेली से अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा शुरू होनी है. हालांकि सवाल यह है कि आखिर अखिलेश यादव ने अपनी चुनावी यात्रा की शुरुआत रायबरेली से क्यों की है.
अखिलेश यादव वापस जाओ के लगे पोस्टर
अखिलेश यादव का आज रायबरेली दौरा है. अखिलेश यादव जीआईसी मैदान में जनसभा करेंगे. इसके अलावा अखिलेश यादव हरचन्दपुर विधायक राहुल लोधी के आवास पर चाय पीने जाएंगे. 27 के चुनावी अभियान की शुरुआत अखिलेश यादव रायबरेली से कर रहे हैं. इस बीच रायबरेली में अखिलेश यादव के विरोध में जगह-जगह पोस्टर लग गए हैं. अखिलेश यादव वापस जाओ के लगे पोस्टर. बछरावां कस्बे और प्रमुख चौराहों पर लगे पोस्टर. स्थानीय भाजपा नेता हरिओम चतुर्वेदी ने पोस्टर लगवाने की जिम्मेदारी ली. पोस्टरबाजी को लेकर सपा नेताओं में नाराजगी. बछरावा कस्बे में लगे पोस्टर.
किस वजह से रायबरेली से शुरू हो रही यात्रा
सपा मुखिया अखिलेश यादव रायबरेली से पीडीए रथयात्रा शुरू करेंगे. हाल में सपा छात्रसभा और एबवीपी कार्यकर्ताओं में हुए विवाद को बड़ी वजह मानी जा रही है. हालांकि इसके पीछे राजनीतिक समीकरण भी हैं. बता दें कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन न होने के बावजूद समाजवादी पार्टी सदर विधानसभा सीट छोड़कर बाकी चार सीटों पर जीत हासिल कर ली थी. अब सपा की नजर ऊंचाहार विधानसभा सीट पर है. यहां से तीन बार सपा के टिकट पर चुनाव जीते मनोज पांडेय अब भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. इसके अलावा आगामी चुनाव में कांग्रेस और सपा के गठबंधन की संभावना मजबूत है. ऐसे में रायबरेली में जनाधार का प्रदर्शन करना भी रणनीति का हिस्सा हो सकता है. पार्टी यह मैसेज देने की कोशिश कर रही है कि जिले की ज्यादातर सीटों पर उसका प्रभाव मजबूत है.

