संवाददाता@रामबली मिश्रा……
— “Sonbhadra Live News” ने प्रमुखता से दिखाई थी खबर, चार विद्यालयों को नोटिश जारी

बीते दिनों म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र के जरहा न्याय पंचायत में बिना मान्यता के संचालित विद्यालय की कार्रवाई के खबर का असर दिखा।खंड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर सुनील कुमार ने प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जरहा न्याय पंचायत के चार विद्यालयों को नोटिस जारी किया था जिसको लेकर माहौल गरमा गया था। खबर को गंभीरता से लेते हुए दो और विद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है कहा कि जल्द जबाव नहीं दिया गया तो अगली कार्रवाई सख्त की जाएगी।
पहले चार विद्यालयों के अलावा अन्य विद्यालय जो बिना मान्यता के चल रहे है उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा ।तत्काल जारी नोटिस स्टार संस्कार पब्लिक स्कूल बकरिहवा,उज्जवल पवित्र ज्ञान मंदिर बंका पिंडारी को किया गया है।वही चेतवा राजों सड़क पर स्थित एक विद्यालय की कार्रवाई को जिला विद्यालय निरीक्षक को संस्तुति भेजी गई उस पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।खंड शिक्षा अधिकारी ने बातचीत के जरिए बताया कि म्योरपुर ,जरहा में अवैध विद्यालय किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा ।

कुछ प्रभावशाली शिक्षा माफिया बेध मान्यता की आड़ में बिना मान्यता के कई विद्यालय चला रहे है इसकी शिकायत मिली है जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। इतना सब होने के बावजूद शिक्षा माफिया सीना चौड़ा कर अपने विद्यालयों के नामांकन को लेकर क्षेत्र में जोर शोर से प्रचार प्रसार कर रहे है।अब देखना है कि न्याय पंचायत जरहा में शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस का असर पड़ता हैं या प्रभावशाली शिक्षा माफिया वर्षों से चला रहे अवैध विद्यालय को लेकर अधिकारियों पर भारी पड़ कर अपने विद्यालय का संचालन यथावत रखते है।
क्योंकि हर वर्ष विभाग द्वारा अवैध विद्यालयों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाती है लेकिन वर्षों से संचालित अवैध विद्यालयों पर कोई असर नहीं पड़ता जबकि सरकार का स्पष्ट आदेश है कि प्रदेश में कही भी अवैध विद्यालय का संचालन न हो।
अवैध विद्यालयों के संचालन से सरकारी विद्यालयों के नामांकन में भारी कमी आई हैं जिसकी वजह से क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालय बंद होने के कगार पर है।इस समय अवैध विद्यालयों के कार्रवाई की चर्चा को लेकर माहौल गरमाया हुआ है कार्रवाई की जद में आए विद्यालय के जिम्मेदार एक दूसरे के कार्रवाई की प्रति क्रिया कर रहे है।
अब देखना है कि क्षेत्र में चल रहे अवैध विद्यालय पर अधिकारी रोक लगा पाते है या सरकार का आदेश बेअसर हो जाता है।