संवाददाता@विशाल टंडन……

अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी पेंशनर्स फेडरेशन एवं सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) के आह्वान पर मंगलवार को जनपद सोनभद्र में एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष सूरज बली सिंह ने की। यह धरना पूर्वाह्न 11:00 बजे प्रारंभ हुआ और अपराह्न 3:00 बजे तक चला। धरने में विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में सेवानिवृत पेंशनर्स एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में 10 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सोनभद्र के माध्यम से उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।पेंशनर्स की प्रमुख मांगों में वित्त विधेयक 2025 में तिथि आधारित भेदभाव समाप्त कर पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाना, कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए अलग सीपीआई लागू करना, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, पेंशन राशिकरण की कटौती 10 वर्ष बाद बंद करना, 65 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर 5 प्रतिशत पेंशन वृद्धि, पेंशन को आयकर से मुक्त करना, कोरोना काल के 18 माह के डीए एरियर का भुगतान, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट, आयुष्मान भारत योजना की सीमा 10 लाख रुपये करना तथा महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल पेंशन में मर्ज करना शामिल हैं। धरने के दौरान पेंशनर्स में अपनी मांगों को लेकर काफी असंतोष एवं आक्रोश देखा गया।
सेवानिवृत महिला पेंशनर्स की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। इस अवसर पर योगेंद्र ठाकुर, शिवचरण, डॉ. विक्रम प्रसाद, ई. राधेश्याम सिंह, बैजनाथ प्रसाद, नागेश्वर तिवारी, शिव गणेश, अर्जुन प्रसाद, उदय लाल मौर्य, जलधारी देवी, नसीम बेगम, सूरज प्रसाद पाठक, अवधेश प्रसाद सिंह, रामराजराम सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर भविष्य में भी संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। अंत में जनपद अध्यक्ष द्वारा उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सभी उपस्थित पेंशनर्स का आभार व्यक्त किया गया तथा सभा समाप्ति की घोषणा की गई।