@जेo केo/सोनभद्र…….

Sonbhadra । आज कलेक्ट्रेट सभागार में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. दीप्ती सिंह एवं डॉ. गीता जायसवाल ने की।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. दीप्ती सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कानून है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य विधायी निकायों में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाना तथा नीति निर्माण में उनकी सक्रिय और निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करना है।
उन्होंने जानकारी दी कि अधिनियम के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। यह प्रावधान राजनीति में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए जनगणना पूर्ण होना और उसके आधार पर परिसीमन (निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन) आवश्यक है, जिसके बाद ही यह आरक्षण प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।

अधिनियम के अन्य प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए यह आरक्षण प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए लागू रहेगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर संसद द्वारा आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, आरक्षित सीटों का रोटेशन प्रत्येक परिसीमन के बाद किया जाएगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अवसर मिल सके। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के लिए आरक्षित सीटों में से भी एक-तिहाई सीटें संबंधित वर्ग की महिलाओं के लिए सुरक्षित रखी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में संसद में महिलाओं की भागीदारी लगभग 15 प्रतिशत है, जो इस अधिनियम के लागू होने के बाद उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगी। यह कानून न केवल महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि देश के समग्र विकास और समावेशी शासन व्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
इस अवसर पर डॉ. गीता जायसवाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और भारत को अधिक समावेशी एवं समानतामूलक लोकतंत्र की ओर अग्रसर करेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, डीसी एनआरएलएम सरिता सिंह, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विद्या देवी, प्रभारी प्रोबेशन अधिकारी इन्द्रावती देवी, दीपिका सिंह, साधना मिश्रा सहित प्रोबेशन विभाग की महिला कार्मिक भी उपस्थित रहीं और अपने विचार व्यक्त किए।