मुख्यालय/सोनभद्र.@विशाल टंडन……

जनपद भ्रमण के दौरान उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल एवं उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला ने विभिन्न गौशालाओं का निरीक्षण किया। शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उपाध्यक्ष महेश शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार गौ सेवा को प्रशासनिक दायित्व के साथ-साथ सामाजिक और आध्यात्मिक उत्तरदायित्व के रूप में लेकर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं, जहां 16 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आवास, भोजन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार द्वारा प्रत्येक गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की धनराशि भी दी जा रही है। गौशालाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 5,446 केंद्रों पर 7,592 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
जो 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत अब तक 1,67,065 गोवंश को गोपालकों को सौंपा जा चुका है। इस योजना के अंतर्गत 50 रुपये प्रतिदिन की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है। जनपद सोनभद्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यहां 8 गौ-आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें 2,814 गोवंश संरक्षित हैं।
साथ ही 368 गोपालकों ने 1,057 गोवंश को अपनाकर सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम 1955 के तहत सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। भ्रामक प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ भी प्रशासन सतर्क है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निराश्रित गोवंश की सेवा और संरक्षण में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। इस मौके पर अजय कुमार मिश्रा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, विनय कुमार सिंह अपर सुचना अधिकारी उपस्थित रहें।