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MP Sports News: सतना की उभरती ताइक्वांडो खिलाड़ी अस्मि भारती ने कड़ी मेहनत और लगातार प्रदर्शन के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का मुकाम हासिल किया है. भोपाल में ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने हालिया ट्रायल्स में शानदार खेल दिखाया जिसके बाद अब वह ताशकंद में होने वाली जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी.
Satna News: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र से उभरती युवा ताइक्वांडो खिलाड़ी अस्मि भारती ने ऐसा इतिहास रच दिया, जिसने पूरे प्रदेश का मान बढ़ा दिया है. जूनियर गर्ल्स वर्ल्ड ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2026 के लिए भारतीय टीम में उनका चयन न सिर्फ उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह मध्य प्रदेश के खेल इतिहास में बड़ी उपलब्धि भी है. 12 से 17 अप्रैल तक उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अस्मि देश का प्रतिनिधित्व करेंगी. खास बात ये कि वह इस स्तर पर पहुंचने वाली मध्य प्रदेश की पहली जूनियर बालिका खिलाड़ी बन गई हैं.
राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन से बनाई पहचान
अस्मि भारती ने अपने करियर में अब तक 10 से अधिक स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन कप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मजबूत दावेदारी पेश की थी. इसके बाद हरियाणा के सोनीपत में 13 से 15 मार्च के बीच हुए फाइनल ट्रायल में भी उन्होंने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए गोल्ड पर कब्जा जमाया और वर्ल्ड चैंपियनशिप का टिकट पक्का कर लिया.
भोपाल की अकादमी में निखर रही प्रतिभा
वर्तमान में अस्मि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित टीटी नगर भोपाल स्थित मप्रमार्शल आर्ट अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं. यहां कोच जगजीत सिंह माड और अर्जुन सिंह रावत के मार्गदर्शन में उन्होंने पिछले 8 महीनों में अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. अस्मि ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनके चयन का पूरा श्रेय उनके पिता और कोच को जाता है, जिन्होंने बचपन से उन्हें ट्रेनिंग दी और हर कदम पर मार्गदर्शन किया.
पिता ही कोच, समर्पण ही सफलता की कुंजी
अस्मि के पिता डॉ. संदीप भारती स्वयं उनके कोच हैं और उन्होंने ही बचपन से अस्मि को मार्शल आर्ट और एथलेटिक्स की ट्रेनिंग दी है. उन्होंने बताया कि अस्मि की सबसे बड़ी ताकत उसका समर्पण है. जो भी लक्ष्य उसे दिया जाता है वह उसे पूरी मेहनत और अनुशासन के साथ हासिल करती है. उनकी मानें तो अस्मि की खुद की प्रैक्टिस और दृढ़ इच्छाशक्ति ही उसकी सफलता की सबसे बड़ी वजह है.
पढ़ाई और खेल में संतुलन की मिसाल
खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अस्मि किसी से पीछे नहीं हैं. उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 86 प्रतिशत अंक हासिल किए और वर्तमान में भोपाल के आईईएस स्कूल में कक्षा 12वीं में मैथ्स ग्रुप के साथ अध्ययन कर रही हैं. सतना के मास्टर प्लांट क्षेत्र में रहने वाली अस्मि एक ऐसे परिवार से आती हैं जहां खेल को लेकर अलग ही जुनून है. उनका छोटा भाई भी ताइक्वांडो का राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी है. परिवार के इस माहौल ने अस्मि को लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है. अब सबकी निगाहें ताशकंद में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप पर टिकी हैं जहां अस्मि भारती से एक और ऐतिहासिक प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है.
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