@जेo केo/सोनभद्र…….

Sonbhadra । घोरावल तहसील के उभ्भा गांव में सरकार की विकास योजनाओं की हालत बदहाल होती नजर आ रही है। वर्ष 2019 में हुए उभ्भा नरसंहार के बाद सरकार द्वारा आदिवासी गांव के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की गई थीं, लेकिन अब ये योजनाएं या तो बंद हो चुकी हैं या फिर भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही हैं। उक्त बातें कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गौड़ ने डीएम को दिए ज्ञापन में उल्लेख किया है।
आगे कहा कि घोरावल तहसील के ग्राम सभा उभ्भा में वर्ष 2019 में आदिवासियों के साथ हुए जघन्य हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने गांव के विकास के लिए कई योजनाएं लागू की थीं। इन योजनाओं का उद्देश्य आदिवासी परिवारों के जीवन स्तर को सुधारना और गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना था। लेकिन वर्तमान में इन योजनाओं की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है।
गांव में लगाया गया सोलर प्लांट लगभग बंद हो चुका है। जानकारी के अनुसार करीब 20 सोलर पैनल चोरी हो चुके हैं, जिससे बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। इतना ही नहीं, प्लांट की बैटरियां भी आए दिन चोरी होने की खबर सामने आती रहती है।
हैरानी की बात यह है कि सोलर प्लांट से करीब 60 मीटर की दूरी पर ही पुलिस चौकी स्थापित है, इसके बावजूद लगातार हो रही चोरी पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। वहीं गांव में लगाया गया आरओ प्लांट भी बदहाली की मार झेल रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। उभ्भा प्राथमिक विद्यालय में भी पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को मजबूरी में बोरिंग का पानी पीना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि साफ-सफाई की व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई है। ऐसे में गांव के विकास के लिए शुरू की गई योजनाएं अब खुद बदहाली का शिकार होती नजर आ रही हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और बंद पड़ी योजनाओं को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि आदिवासी गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। जिला अध्यक्ष रामराज गौड़ के साथ राजीव त्रिपाठी, दया शंकर देव, श्रीकांत मिश्रा मौजूद रहे।