रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा….

रेणुकूट प्रभागीय वनाधिकारी कमल कुमार एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी अखिलेश पटेल के निर्देशन में वन विभाग की प्रवर्तन टीम ने रविवार को अवैध खैर लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 टन खैर लकड़ी से लदे एक ट्रक को पकड़ा है। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर की गई।
जानकारी के अनुसार पिपरी वन रेंज के अंतर्गत रानीताली चौकी एवं मालोघाट टोल के बीच वाराणसी–शक्तिनगर मार्ग पर प्रवर्तन दल प्रभारी रेणुकूट राघवेंद्र कुमार के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान हाथीनाला की ओर से आ रहा संदिग्ध ट्रक संख्या HR 67 B 2413 को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ट्रक लेकर भागने लगा। वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक का पीछा किया और मालोघाट टोल के पास उसे पकड़ लिया।
जांच में ट्रक के भीतर खैर प्रजाति की अवैध लकड़ी लगभग 10 टन पाई गई। पूछताछ में पता चला कि यह लकड़ी जरहा–छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र से लोड की गई थी। ट्रक चालक से संबंधित लकड़ी के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। कार्रवाई के दौरान ट्रक की रेकी एवं लोकेशन देने वाली कार संख्या HR 71 J 3729 को भी मौके पर पकड़ा गया।
इस कार से हरियाणा निवासी कत्था व्यापारी एवं अंतरराज्यीय खैर लकड़ी तस्करी के सरगना रिजवान तथा जरहा निवासी कलाम को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं एक अन्य रेकी/लोकेशन देने वाली कार में आगे चल रहे जरहा निवासी खैर तस्कर रोशन, रिंकू, नसीम खान, इबादुल खान आदि घने कोहरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनकी तलाश में वन विभाग द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में पिपरी रेंज के वन दरोगा रवि यादव, छोटेलाल, संजीव, वन रक्षक मदनलाल, शैलेंद्र यादव, हिमांशु मौर्य तथा न्यूनतम वेतन कर्मी तीरथ राज और प्रेमचंद सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। वन विभाग ने पकड़े गए ट्रक, लकड़ी एवं वाहनों को कब्जे में लेते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।