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बैंक आफ बदौड़ा लखनऊ अंचल के महाप्रबंधक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा महिलाओं को सशक्त बनाने और एक सशक्त समाज निर्माण का सबसे प्रभावी साधन है. बैंक ऑफ बड़ौदा अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से आर्थिक रूप से व…और पढ़ें
कुमारी पूजा पाल एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली एक प्रतिभाशाली छात्रा हैं.जिन्होनें किसानों और बच्चों के स्वास्थ्यहित को ध्यान में रखते हुए धूल रहित थ्रेशर मॉडल बनाया है. पूजा के इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और जापान जाने का मौका भी मिला.छात्र पूजा को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है.
राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें
दरअसल बाराबंकी जिले की अगेहरा गांव की साधारण सी झोपड़ी में रहने वाली पूजा पाल ने अपनी मेहनत और वैज्ञानिक सोच से न केवल जिले और प्रदेश का. बल्कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है. उनकी बनाई तकनीक किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है.जो भूसे और धूल से होने वाली समस्याओं को कम करती है.इस सम्बन्ध मे बैंक आफ बदौड़ा लखनऊ अंचल के महाप्रबंधक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा महिलाओं को सशक्त बनाने और एक सशक्त समाज निर्माण का सबसे प्रभावी साधन है. बैंक ऑफ बड़ौदा अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की सहयोग करता है.जिससे बेटियां अपनी क्षमता को पहचान सकें. राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें. वहीं कुमारी पूजा पाल ने उच्च शिक्षा हेतु वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए बैंक आफ बड़ौदा लखनऊ के प्रति आभार व्यक्त किया.

