आकाश आनंद के ससुर पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने अपनी पोस्ट में साफ तौर पर कहा कि मैं हाथ जोड़कर उनसे अनुरोध कर रहा हूं कि वह मुझे माफ कर दें. वहीं, आखिर में उन्होंने मायावती से खुद को पार्टी में वापस लेने का आग्रह भी किया. अब यह तो वक्त ही बताएगा कि मायावती अपने समधी अशोक सिद्धार्थ को माफ करके पार्टी में वापस लेंगी या नहीं? लेकिन, प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है.
पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने फेसबुक पोस्ट के लिए मायावती से भावुक अपील की है. अशोक सिद्धार्थ ने लिखा, ‘मैं अशोक सिद्धार्थ बीएसपी पूर्व सांसद निवासी जिला फर्रुखाबाद बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी की चार बार रहीं मुख्यमंत्री एवं कई बार लोकसभा व राज्यसभा की रहीं सांसद बहन मायावती जी का हृदय से सम्मान एवं चरण स्पर्श करता हूं.
मुझसे पार्टी का कार्य करने के दौरान “जाने व अनजाने” में तथा गलत लोगों के बहकावे में आकर जो भी गलतियां हुई हैं. तो उसके लिए मैं बहन जी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं. जिन्होंने अनेकों कष्ट झेलकर, अपनी पूरी जिन्दगी, इस देश के करोड़ों दलितों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के हित व कल्याण के लिए समर्पित की है.
यह भी मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं. अन्त में अब मैं पुनः आदरणीय बहन जी से अपनी सभी छोटी-बड़ी गलतियों की माफी मांगते हुए उनसे पार्टी में वापिस लेने के लिए विशेष आग्रह करता हूं. बहन जी की अति कृपा होगी. बता दें कि मायावती ने गुटबाजी और पार्टी के हितों के खिलाफ गतिविधियों के आरोपों के बाद राज्यसभा के पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
अशोक सिद्धार्थ का बीएसपी से गहरा नाता रहा है. अशोक सिद्धार्थ के पिता पार्टी के संस्थापक कांशीराम के सहयोगी रहे हैं। इस बारे में खुद मायावती ने बताया था. बता दें, अशोक सिद्धार्थ, मायावती के समधी भी है और पार्टी के ऐसे लो प्रोफाइल नेता हैं जो पार्टी में पर्दे के पीछे रहकर काम करते थे. उनकी गिनती मायावती के बेहद करीबी नेताओं में होती थी. पार्टी से नजदीकी होने के चलते ही उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में कदम रखा था.
बीएसपी के टिकट पर बने थे MLC
अशोक सिद्धार्थ को मायावती ने पहले एमएलसी बनाया. इसके बाद वर्ष 2016 में राज्यसभा भेजा. उनकी पत्नी मायावती शासनकाल के दौरान यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं. अशोक सिद्धार्थ, पेशे से डॉक्टर हैं और उन्होंने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई की. महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज से नेत्र रोग में डिप्लोमा किया है.

