मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…
..बाजारों में देर रात तक हुई पूजन सामग्री की खरीदारी, पूजा पंडालों की तैयारियां तेज

शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को रॉबर्ट्सगंज नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह मंदिरों के कपाट खुलते ही माता रानी के दर्शन-पूजन के लिए भक्त पहुंचने लगे।

नगर के शीतला मंदिर, सातो शीतला मंदिर, साईं चौक स्थित दुर्गा मंदिर, दंडइत बाबा मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। घंटा-घड़ियाल और माता के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठे।

नवरात्र को लेकर शनिवार देर रात तक बाजारों में रौनक बनी रही। पूजा सामग्री, चुनरी, नारियल, फल-फूल और कलश की दुकानों पर लोगों ने खरीदारी की। घरों में भी महिलाओं ने साफ-सफाई कर पूजा की तैयारियां पूरी कीं।

प्रथम दिन कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर पूजा-पाठ किया। वहीं, सप्तमी से शुरू होने वाले दुर्गा पूजा पंडालों और मेलों को लेकर आयोजक तैयारियों में जुटे हैं। पंडालों को सजाने, रोशनी और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेले को लेकर बच्चों में भी खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।

ज्योतिष एवं व्याकरण वेद के विद्वान डॉ. जेपी त्रिपाठी, राजा तारा छोटी काशी ने बताया कि शारदीय नवरात्र में नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।

उन्होंने बताया कि प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना के साथ कलश स्थापना का विशेष महत्व है। उनके अनुसार, सुबह 6:20 से 10:10 बजे तक पूजा का मुहूर्त तथा सुबह 11:40 से दोपहर 12:20 बजे तक शुभ मुहूर्त बताया गया है।

उन्होंने बताया कि कलश स्थापना के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है। इसके बाद रोली, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ किया जाता है।

श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार नौ दिनों तक व्रत और पूजा करते हैं। नवरात्र के दौरान धार्मिक आयोजनों और पूजा पंडालों के सजने से नगर का माहौल भक्तिमय रहने की उम्मीद है।
