मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…

समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार और शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिले के एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के साथ ही अपने-अपने प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रदर्शन किया। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को कार्य बहिष्कार से अलग रखा गया।

संगठन के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय या सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि एनएचएम संविदा कर्मचारी पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध कर रहे थे। शासन स्तर से सकारात्मक पहल नहीं होने के बाद 8, 9 और 10 अक्टूबर को कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी करीब दो दशक से स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने जोखिम उठाकर स्वास्थ्य सेवाओं को संचालित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि यदि शासन की ओर से प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी, मनोज कुमार, स्वाति पटेल, धर्मावती,नितेश साहू, प्रशांत दूबे, डॉ. अभिषेक पाण्डेय, कामेश्वर राय, आशीष चौबे, डॉ. हिमांशु यादव, पवन सोनकर, डॉ. जेपी आजाद, डॉ. देवब्रत, डॉ. राजेश गुप्ता, संध्या मिश्रा, सुशील यादव, पंकज कुशवाहा, आलोक कुमार, प्रतापभान, डॉ. बुबाई, संदीप कुमार, पंकज, विकास गोस्वामी, इंद्रेश पाण्डेय, सतीश सोनकर, विमल सिंह, अभिमन्यु दूबे, राकेश कन्नौजिया, राहुल कन्नौजिया, रविकांत, सतीश तिवारी, ओम प्रकाश भारती, खुशबू समेत बड़ी संख्या में एनएचएम कर्मचारी मौजूद रहे।
