मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…

एमडीआर टैक्स के विरोध में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के आह्वान पर गुरुवार को जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की ओर से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया। व्यापारियों ने 15 अक्टूबर से प्रस्तावित एमडीआर टैक्स को लेकर चिंता जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

जिलाध्यक्ष नरेंद्र गर्ग, जिला महामंत्री मनोज जालान, प्रदेश मंत्री रामेश्वर दास जैन, प्रदेश मंत्री मिठाई लाल सोनी, प्रदेश मंत्री विमल अग्रवाल, नगर महामंत्री मनीष खंडेलवाल और जिला युवा महामंत्री चंदन केसरी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

जिलाध्यक्ष नरेंद्र गर्ग ने कहा कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाला एमडीआर टैक्स उपभोक्ताओं की खरीदारी को प्रभावित कर सकता है। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों का सीधा असर व्यापारियों के साथ ही आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है। ऐसे में महंगाई के दौर में अतिरिक्त शुल्क का भार उपभोक्ताओं पर डालना उचित नहीं है।

प्रदेश मंत्री रामेश्वर दास जैन, प्रदेश मंत्री मिठाई लाल सोनी ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के समय ‘एक देश, एक टैक्स’ की बात कही गई थी, लेकिन समय के साथ नए करों और शुल्कों का बोझ बढ़ता जा रहा है। इससे वस्तुओं और सेवाओं की लागत प्रभावित होने के साथ आम लोगों की जेब पर भी असर पड़ रहा है।

व्यापार मंडल ने सरकार से मांग की कि एमडीआर टैक्स को लेकर पुनर्विचार किया जाए और व्यापारियों तथा उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इसे लागू न किया जाए। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि व्यापार मंडल एमडीआर टैक्स को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं करेगा।