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Premanand Maharaj: संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार को एक बार फिर से केली कुंज आश्रम पहुंचे. वहां 10 से 15 मिनट रुकने के बाद अपने गुरु के दर्शन कर वापस यमुना पार अपने आश्रम में लौट आए. उन्होंन उन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया, जिसमें कहा जा रहा था प्रेमानंद महाराज अब दर्शन नहीं देंगे और केली कुंज को हमेशा के लिए छोड़ दिया है.
प्रेमानंद महाराज केली कुंज आश्रम पहुंचे. (फाइल फोटो)
Premanand Maharaj News: आखिरकार प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को खुशखबरी दे दी. रसिक दुलारी की मौत के बाद आश्रम पर लगातार सवाल उठने लगे थे. इसी के बाद उन्होंने आश्रम को छोड़ दिया था. इस समय वे वृंदावन से करीब 20 किलोमीटर दूर यमुना पार स्थित बेलवन (यमुना विहार कुंज आश्रम) साधना कर रहे थे. हालांकि, गुरुवार को सबको चौंकाते हुए वे सुबह 5 बजे केली कुंज आश्रम पहुंचे. उनको देखते ही भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई.
प्रेमानंद महाराज यमुना के उस पार कुंज आश्रम में रह रहे हैं. लेकिन गुरुवार को कुछ ऐसा हुआ, जो निराश हाताश भक्तों की चेहरे पर खुशी लेकर आ गई. दरअसल सुबह पांच बजे के करीब वे मांट के जहांगीरपुर खादर स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम से रमण रेती के केली कुंज आश्रम पहुंचे. वे अपने गाड़ियों के काफिले से आश्रम पहुंचे थे. वहां, पर ज्यादा देर न रुकते हुए अपने गुरु श्री हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम पहुंचे. इसके बाद वे पुनः अपने नए आश्रम यमुना विहार कुंज के लिए रवाना हो गए. वे केली कुंज में केवल 15 मिनट तक ही रुके.
रसिक दुलारी की मौत के बाद पहली बार पहुंचे
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी की बीते महीने 25 सितंबर को मृत्यु हुई थी. शिष्य की मौत के बाद लगातार आश्रम पर सवाल उठने लगे थे. पहले अनुज चौधरी नाम के युवक के लापता होने, नोएडा की विभा सिंह नाम की लड़की उसके बाद और कई लोगों ने अपने बच्चों के गायब होने के आरोप लगाए. फिर, विराट कोहली को लेकर भी अफवाह उड़ाया गया. इन सब अफवाहों से आहत होकर प्रेमानंद महाराज इस आश्रम के दूर एकांतवास में चले गए. उन्होंने मीडिया, सोशल मीडिया से दूरी बना ली उसके बाद उन्होंने दर्शन और दीक्षा भी बंद कर दी. हालांकि, गुरुवार को उनका दर्शन पाकर शिष्य काफी धन्य हो गए. उनकी चेहरे पर खुशी तो आई मगर कुछ ही पल के बाद निराशा छा गई.
रसिक दुलारी की मौत से आहत
रसिक दुलारी प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर कृपा कुंज आश्रम में रहने लगे थे. बीते 25 सितंबर को आश्रम के छत से कूदकर जान दे दी थी. इस घटना के बाद से आश्रम के व्यवस्था पर लगातार सवाल उठने लगे. सोशल मीडिया पर कई लोग तो संत प्रेमानंद महाराज पर कीचड़ उछालने से नहीं चूके. इन सब अफवाहों से निराश होकर उन्होंने दर्शन से लेकर दीक्षा पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद लोग और भी सवाल करने लगे थे. खूब सोशल मीडिया और मीडिया ट्रायल हुए. हालांकि, सभी पर समय के साथ विराम भी लग गया.
केली कुंज छोड़ने वाले अफवाहों पर लगा विराम
रसिक दुलारी की मौत के बाद कायास और अफवाह फैलाया जा रहा था कि संत प्रेमानंद महाराज का केली कुंज और कृपा कुंज आश्रम से मोह भंग हो गया हैय अब वे यमुना पार बेलवन में रहेंगे. हालांकि, गुरुवार को उनके आगमन के बाद इन अफवाहों पर भी विराम लग गई. साथ ही भक्तों में इस बात की खुशी की लहर दौड़ने लगी है कि उनको संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन फिर से दोबारा होने की संभावना है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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