संवाददाता@वीरेंद्र यादव…..

एनटीपीसी शक्तिनगर के आवासीय परिसर में स्थित संत जोसेफ स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तत्वावधान में “मूल्यांकन एवं आकलन पद्धतियों को सुदृढ़ बनाना” (Strengthening Assessment and Evaluation Practices) विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ0 अनूप कुमार, प्रधानाचार्य, श्रीराम कॉन्वेंट स्कूल वाराणसी एवं आलोक श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को प्रभावी, समग्र एवं दक्षता-आधारित मूल्यांकन की नवीन पद्धतियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान दक्षता-आधारित आकलन, अधिगम परिणाम, प्रश्नपत्र निर्माण, रचनात्मक एवं समग्र मूल्यांकन, मूल्यांकन उपकरणों के प्रभावी उपयोग तथा विद्यार्थियों को सार्थक प्रतिपुष्टि प्रदान करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशिक्षण सत्रों में शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों, समूह-चर्चाओं, केस स्टडी तथा व्यावहारिक अभ्यासों में सक्रिय सहभागिता की। विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि मूल्यांकन केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों को मापने का माध्यम न होकर उनके अधिगम स्तर की पहचान, सीखने की कमियों को दूर करने तथा सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने का प्रभावी साधन होना चाहिए।
एक शिक्षक की भूमिका केवल प्रश्नपत्र तैयार करने और उत्तर पुस्तिकाएँ जाँचने तक सीमित नहीं है। हमें ऐसे मूल्यांकन उपकरण विकसित करने होंगे जो विद्यार्थियों की वास्तविक क्षमताओं को सामने ला सकें। इसके लिए हम रूब्रिक, प्रोजेक्ट, पोर्टफोलियो, मौखिक प्रस्तुति, गतिविधि-आधारित मूल्यांकन, सहपाठी मूल्यांकन तथा स्व-मूल्यांकन जैसी विभिन्न तकनीकों का प्रयोग कर सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मूल्यांकन के बाद विद्यार्थियों को रचनात्मक एवं समय पर फीडबैक दिया जाए। केवल “सही” या “गलत” बताना पर्याप्त नहीं है। हमें विद्यार्थी को यह समझाना होगा कि वह कहाँ बेहतर कर सकता है और कैसे कर सकता है।
हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मूल्यांकन निष्पक्ष, पारदर्शी, समावेशी और विद्यार्थी-केंद्रित हो।
दो दिवसीय यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 एवं सीबीएसई के अनुरूप आधुनिक एवं विद्यार्थी-केंद्रित मूल्यांकन पद्धतियों को कक्षा-कक्ष में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आवश्यक जानकारी एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर डॉ0 विंसेंट परेरा ने अपने उद्बोधन में रिसोर्स पर्सन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छा मूल्यांकन वह नहीं है जो केवल यह बताता है कि विद्यार्थी कहाँ खड़ा है, बल्कि वह है जो उसे यह दिशा भी दिखाता है कि उसे आगे कहाँ जाना है।” मुझे विश्वास है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को हम अपनी-अपनी कक्षाओं में लागू करेंगे और विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रभावी, समावेशी एवं आनंददायक सीखने का वातावरण तैयार करेंगे।
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन एवं मार्गदर्शन के लिए मैं सभी प्रशिक्षकों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ तथा सभी शिक्षकों को उनके सक्रिय सहभागिता के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ।
कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत भाषण शिक्षक अरुण मोहन ने दिया तो सिस्टर सोफिया ने रिसोर्स पर्सन के प्रति आभार ज्ञापित किया, ट्रेनिंग के सफल आयोजन में एंथनी लैंगन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







