पंचायत संवाददाता@विष्णु कुशवाहा……

बुढहर माइनर की नहर किनारे सड़क पर हो रही कटान अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। कटान के चलते सड़क का किनारा लगातार कमजोर और संकरा हो रहा है। खासकर नहर पर बने पुल के पास सामने से आने वाले वाहनों का रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने जल्द सड़क की कटान की मरम्मत और नहर की सफाई कराने की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार नहर किनारे सड़क की कटान काफी समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। सड़क के संकरी होने के साथ ही नहर के किनारे सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं हैं। ऐसे में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को आवागमन के दौरान काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। पुल के पास सामने से आने वाले वाहन अचानक दिखाई देने के कारण टक्कर का खतरा बना रहता है।

सड़क की समस्या के साथ बुढहर माइनर की सफाई नहीं होने से सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर में जगह-जगह जलकुंभी, मिट्टी और झाड़ियां जमा हैं। इससे पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है और नहर का पानी आगे तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसका सीधा असर किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। समय पर नहर की सफाई नहीं होने से खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।

ग्रामीण हीरालाल, मुन्ना, पतंगी, असीम, कल्लू समेत अन्य ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से नहर किनारे सड़क की कटान की तत्काल मरम्मत कराने और माइनर की सफाई कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की कटान को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया तो बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं नहर की नियमित सफाई होने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई भानु ने फोन पर बताया कि माइनर के जीर्णोद्धार के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। धन आवंटित होने के बाद मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि माइनर की सफाई का कार्य सामान्यतः बारिश के बाद नवंबर-दिसंबर में कराया जाता है। निर्धारित समय पर सफाई का कार्य करा दिया जाएगा।







