@जे0 के0……
— कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं,
ट्रैक्टर-हार्वेस्टर ले जाने में भी किसानों को सता रहा डर

SONBHADRA। घोरावल ब्लॉक क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही किसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। खतौली ग्राम पंचायत के भंवरी टोला में खेतों में बारिश का पानी भरा है और इसी के बीच बिजली के जर्जर व झुके हुए पोल तथा जमीन के बेहद करीब लटकते तार हादसे को दावत दे रहे हैं। ऐसा एक जगह नहीं पूरे गांव में ऐसे दिख जाएंगे। हालात ऐसे हैं कि किसान करंट उतरने के डर से खेतों में कदम रखने से भी सहम रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में कई बिजली के पोल लंबे समय से टेढ़े-मेढ़े और क्षतिग्रस्त हालत में हैं। कई स्थानों पर बिजली के तार काफी नीचे तक लटक रहे हैं। बरसात के कारण खेतों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ गया है। किसानों को खेती-किसानी के कार्य के लिए इन्हीं खेतों और रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार लाइनमैन और बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक पोल और तारों को दुरुस्त नहीं कराया गया। किसानों का कहना है कि ट्रैक्टर और हार्वेस्टर लेकर खेतों में जाने के दौरान नीचे लटकते तारों से हादसे की आशंका बनी रहती है।

किसान अवधेश सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारी और जेई गांव में जांच के लिए आते हैं, अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी की जांच करते हैं लेकिन झुके हुए पोल और लटकते तारों की समस्या पर गंभीरता नहीं दिखाई जाती। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में खेतों में पानी भरा होने के कारण करंट उतरने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है।

वहीं मामले को लेकर अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में नीचे लटकते तारों और झुके हुए खंभों को लेकर लाइनमैनों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जहां तारों के बीच लंबा स्पैन है, वहां अतिरिक्त खंभे लगाने का काम कराया जा रहा है। घोरावल, घुवास, ऊंचडीह, कुसुम्हा और मधुपुर सहित कई क्षेत्रों में कार्य चल रहा है। इसके अलावा कोन, पन्नूगंज और ज्वारडीह क्षेत्र में भी आवश्यक कार्य कराया जाएगा।

फिलहाल ग्रामीणों की निगाह बिजली विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। खेतों में पानी और उसके ऊपर लटकते बिजली के तारों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसी हादसे से पहले विभाग इन खतरनाक पोल और तारों को कब दुरुस्त कराएगा।







