संवाददाता@बद्री प्रसाद……
— जनपद के 60 प्रतिशत दिव्यांग घटिया मोटराइज्ड ट्राई साइकिल की समस्याओं से जूझने को मजबूर : उत्तम सिंह
— संस्थान ने उप्र सरकार से लगायी गुहार, बंद किया जाय घटिया ट्राईसाइकिल बनाने वाली कंपनी तथा दिव्यांगों को धोखा देना

सोनभद्र में दिव्यांगजनों के पुनर्वास और उनकी सुगम आवागमन के लिए सरकार द्वारा नि:शुल्क बांटी जा रही मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना प्रशासनिक लापरवाही और घटिया गुणवत्ता की भेंट चढ़ने का आरोप उत्तम दिव्यांग सेवा संस्थान के संस्थापक/समाजसेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार उत्तम सिंह ने लगाते हुए कहा है कि समाज कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा वितरित की जा रही निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिलें कुछ ही महीनों में शो-पीस बनकर रह जा रही हैं, जिससे जिले के सैकड़ों दिव्यांगो को काफी मानसिक और शारीरिक कष्ट झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने जनपद के दिव्यांगों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सोनभद्र के लगभग 60 प्रतिशत दिव्यांग भाई-बहन इस समय अपनी मोटराइज्ड ट्राई साइकिल की खराबी से जूझ रहे हैं।दिव्यांगो को शासन की ओर से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिली तो सही,लेकिन वह महज कुछ महीने चलने के बाद महज शो-पीस बनकर रह गई है।जांच में सामने आया है कि ट्राईसाइकिल बनाने वाली कंपनी इसमें बेहद घटिया और ‘थर्ड क्वालिटी’ की बैटरी व कलपुर्जों (पार्ट्स) का इस्तेमाल कर रही है, इससे ट्राई साइकिल कुछ ही दिन चलती है और फिर किसी काम की नहीं रह जाती।

उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार पीड़ित दिव्यांगों द्वारा संबंधित विभागीय अधिकारियों के पास शिकायतें दर्ज करायी लेकिन अब तक कोई इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, बल्कि शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है और दिव्यांगजन रोजाना अपनी खराब ट्राई साइकिल को लेकर दफ्तरों के चक्कर काटने को पूर्णतया विवश हैं।
उत्तम दिव्यांग सेवा संस्थान के माध्यम से पत्रकार उत्तम सिंह ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि घटिया और निम्न स्तर की ट्राईसाइकिल का निर्माण व आपूर्ति करने वाली कंपनी पर तत्काल रोक लगाते हुए उसे बंद कराकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाय तथा दिव्यांगों को दिए जाने वाले उपकरणों की गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच कराकर दिव्यांग भाइयों के नाम पर योजनाओं की खानापूर्ति कर उन्हें धोखा देना अविलंब बंद किया जाए और खराब ट्राई साइकिल की जगह नई व मजबूत एवं उच्च क्वालिटी की बैटरी तथा पार्ट्स युक्त ट्राईसाइकिलें उपलब्ध करायी जाय।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दिव्यांगों की इस गंभीर समस्या का जल्द निस्तारण नहीं किया गया तो वे दिव्यांग हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन करने लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।







