मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता बहाल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को संयुक्त वामदल के बैनर तले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और माले के कार्यकर्ताओं ने स्वर्ण जयंती चौक स्थित पार्क में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। धरना देर शाम तक चला।

वामदलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली पक्षपातपूर्ण रही है और एसआईआर प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के मताधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता एवं निष्पक्षता बहाल करने की मांग उठाई। धरने के बाद शाम चार बजे राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी (सदर) को सौंपा गया।

ज्ञापन में ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित मतदाताओं का मताधिकार बहाल करने तथा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की व्यवस्था में बदलाव की मांग की गई। वामदलों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावित चयन समिति के आधार पर नियुक्ति व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी।

इसके अलावा प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से स्वर्ण जयंती चौक पर डॉ. भीमराव आंबेडकर और कचहरी चौराहे पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई।

धरने को माकपा जिला मंत्री नंदलाल आर्य, भाकपा जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा, माले राज्य सचिव सुधाकर यादव, चंदन प्रसाद पासवान, प्रेमनाथ आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता पकड़ूं सिंह कुशवाहा और संचालन ईश्वर दयाल ने किया। इस दौरान श्याम नारायण सिंह, बसावन गुप्ता, अमरनाथ सूर्य, नागेंद्र कुमार, मोहम्मद मुस्तफा, पुरुषोत्तम, दिनेश कोल व कमली देवी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

