मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…
..संतान की दीर्घायु और मंगलकामना के लिए माताएं रखेंगी निर्जला व्रत, बाजारों में खरीदारी को उमड़ी भीड़

संतान की दीर्घायु, आरोग्य, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना से जुड़ा जीवित्पुत्रिका यानी जिउतिया व्रत शनिवार को श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाएगा।

पर्व को लेकर शुक्रवार को राबर्ट्सगंज नगर सहित आसपास के बाजारों में पूजन सामग्री, फल और जिउतिया धागे की खरीदारी के लिए भीड़ रही। शीतला मंदिर के आसपास बाजार में विशेष चहल-पहल दिखाई दी।

जिउतिया व्रत की शुरुआत परंपरा के अनुसार नहाय-खाय से होती है। व्रती महिलाएं स्नान आदि के बाद सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत की तैयारी करती हैं। इसके बाद निर्धारित तिथि पर माताएं संतान के मंगल और लंबी आयु की कामना लेकर निर्जला व्रत रखती हैं।

इस दौरान अन्न और जल का त्याग किया जाता है। शाम को महिलाएं समूह में एकत्र होकर भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं और उनकी कथा सुनती हैं।

मान्यता है कि जीमूतवाहन ने नागवंश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का त्याग करने का संकल्प लिया था। उनके त्याग और संतान की रक्षा से जुड़ी कथा के कारण जीवित्पुत्रिका व्रत को संतान की दीर्घायु और संकटों से रक्षा की कामना से जोड़ा जाता है। पूजा के दौरान व्रती महिलाएं जिउतिया धारण करती हैं। इसके बाद अगले दिन विधि-विधान के अनुसार पारण कर व्रत पूरा किया जाता है।

पूजन के लिए बांस की डलिया, कलश, रोली, अक्षत, दीपक, धूप, फूल, फल, मिष्ठान सहित अन्य सामग्री की खरीदारी हो रही है। लाल और पीले धागे में गांठ लगा जिउतिया पांच से 50 रुपये तक में उपलब्ध है। दुकानदारों के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में पूजन सामग्री के दामों में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।

नवविवाहित जोड़ों और बच्चों की डाल पूजा वाले परिवारों में विशेष तैयारियां हैं। फल की दुकानों पर भी खरीदारी बढ़ गई है। पर्व को लेकर महिलाओं में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है।
