संवाददाता@संदीप अग्रहरी….

बीजपुर-बकरिहवा सड़क की बदहाली पर उठे सवाल, मानसिंह गोंड बोले- नहीं सुधरी व्यवस्था तो सड़क पर उतर सकती है जनता
म्योरपुर/सोनभद्र। बीजपुर-बकरिहवा मार्ग की बदहाल स्थिति और ओवरलोड राखड़ वाहनों के संचालन का मामला अब राज्य मंत्री के दरवाजे तक पहुंच गया है।
म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गोंड ने राज्य मंत्री संजीव गोंड के आवास पहुंचकर उन्हें शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने सड़क की स्थिति सुधारने और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है।
ब्लॉक प्रमुख ने पत्र में आरोप लगाया कि एनटीपीसी रिहंदनगर बीजपुर से प्रतिदिन बड़ी संख्या में राखड़ लदे भारी वाहन बीजपुर से बकरिहवा की ओर जाते हैं। इनमें कई वाहन ओवरलोड और गीली राखड़ लेकर चलते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से बीजपुर-बकरिहवा मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों में तब्दील हो गया है।
सड़क पर सफर बना परेशानी

मानसिंह गोंड का कहना है कि सड़क की खराब हालत से राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। सड़क पर गड्ढों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
ब्लॉक प्रमुख ने पत्र में बताया कि इस समस्या को लेकर एनटीपीसी रिहंदनगर बीजपुर के प्रबंधन से कई बार बातचीत की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उनके मुताबिक, प्रबंधन की ओर से जिलाधिकारी से इस संबंध में बात करने की सलाह दी गई।
मंत्री से कार्रवाई की मांग

राज्य मंत्री संजीव गोंड को सौंपे पत्र में ब्लॉक प्रमुख ने ओवरलोड और गीली राखड़ लेकर चलने वाले वाहनों की जांच कराने, नियमों के अनुसार कार्रवाई करने और सड़क की स्थिति में सुधार कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में गरीब और आदिवासी परिवार रहते हैं। ऐसे में सड़क की बदहाली का सीधा असर आम लोगों के आवागमन पर पड़ रहा है। उन्होंने राज्य मंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतर सकती है जनता
ब्लॉक प्रमुख ने चेतावनी दी कि यदि ओवरलोड राखड़ वाहनों के संचालन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और सड़क की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता सड़क पर उतरने को मजबूर हो सकती है।
उन्होंने ऐसी स्थिति के लिए एनटीपीसी रिहंदनगर बीजपुर और प्रशासन की जिम्मेदारी तय होने की बात कही है। अब देखना यह है कि राज्य मंत्री को सौंपे गए शिकायत पत्र के बाद संबंधित विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।