संवाददाता@वीरेंद्र यादव……

साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था सोन संगम शक्तिनगर की ओर से कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी एवं काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. योगेंद्र मिश्र तथा अध्यक्षता बद्री प्रसाद ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण से हुआ। संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार दुबे ने कहा कि प्रेमचंद ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज की कुरीतियों पर प्रहार करते हुए सामाजिक चेतना जगाने का कार्य किया। मुख्य अतिथि डॉ. योगेंद्र मिश्र ने प्रेमचंद को विश्व साहित्य का महान रचनाकार बताते हुए कहा कि उनकी रचनाएं आज भी समाज को दिशा देने में प्रासंगिक हैं।
मुख्य वक्ता एवं सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज के प्रवक्ता विमल शर्मा ने पंच परमेश्वर, गोदान, गबन और निर्मला जैसी कृतियों की वर्तमान समय में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वहीं शिक्षक गौरव यादव ने प्रेमचंद को सर्वहारा वर्ग का सच्चा साहित्यकार बताया। अध्यापिका सरिता यादव ने ईदगाह और बूढ़ी काकी के माध्यम से प्रेमचंद के बाल मनोविज्ञान और मानवीय संवेदनाओं को रेखांकित किया।

काव्य संध्या में विमल शर्मा, डॉ. योगेंद्र मिश्र, बद्री प्रसाद, बाहर बनारसी, कृपाशंकर माही, विजयलक्ष्मी सिंह तथा रमाकांत पांडेय सहित कई कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में इतिहास विषय में टॉप-10 में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले गौरव यादव को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मानिक चंद पांडेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन गुलाब सिंह ने दिया। अंत में गोपाल तिवारी के अनुज के असामयिक निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।






