संवाददाता@अमिताभ मिश्रा…

स्थानीय पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित एक निजी अतिथि गृह में गुरुवार की रात वन निगम के डिप्टी लॉगिंग मैनेजर (डीएलएम) सत्यपाल प्रसाद (40) ने पंखे के सहारे गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल के बाद शव को नीचे उतरवाकर हिंडालको मोर्चरी में रखवाया गया।
शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और वन निगम के बड़ी संख्या में कर्मचारी मोर्चरी हाउस पहुंच गए। बताया गया कि सत्यपाल प्रसाद पुत्र जयराम प्रसाद मूल रूप से ग्राम भरहे चौरा, भटनी सलेमपुर, देवरिया के निवासी थे। उनकी मूल तैनाती मिर्जापुर डिविजन में थी, जबकि उनके पास पिपरी डिविजन का अतिरिक्त प्रभार भी था।

गुरुवार शाम करीब सात बजे वह विभागीय कार्य से रेणुकूट पहुंचे थे और स्थानीय एक निजी अतिथि गृह में ठहरे हुए थे। बताया गया कि देर रात उनके चालक ने कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं उठने पर चालक अतिथि गृह पहुंचा। काफी प्रयास के बाद कमरे का दरवाजा खोला गया तो सत्यपाल प्रसाद पंखे के सहारे गमछे से लटके मिले।

इसकी सूचना तत्काल पिपरी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल की जांच की और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मृतक के परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र करीब तीन और पांच वर्ष बताई जा रही है। उनका परिवार मिर्जापुर में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, वन विभाग और वन निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है