Last Updated:
भारतीय शतरंज ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है. तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले वी एस रतनवेल ने आखिरकार 2500 ईएलओ रेटिंग का आंकड़ा पार करते हुए ग्रैंडमास्टर बनने का सपना पूरा कर लिया. रतनवेल भारत के 99वें ग्रैंडमास्टर बने हैं. इस उपलब्धि के साथ भारत अब शतरंज में अपने 100वें ग्रैंडमास्टर के ऐतिहासिक मुकाम से सिर्फ एक कदम दूर रह गया है.
वीएस रतनवेल बने भारत के 99वें चेस ग्रैंडमास्टर.
नई दिल्ली. कोयंबटूर के वी एस रतनवेल ने गुवाहाटी स्मार्ट सिटी इंटरनेशनल ओपन 2026 में 2500 ईएलओ रेटिंग का आंकड़ा पार कर देश के 99वें ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव हासिल किया, जिससे भारत शतरंज में अपने 100वें ग्रैंडमास्टर के ऐतिहासिक मुकाम से अब सिर्फ एक कदम दूर है. 25 वर्षीय रतनवेल ने 2022 में ही ग्रैंडमास्टर बनने के लिए जरूरी तीनों नॉर्म पूरे कर लिए थे, लेकिन आवश्यक 2500 ईएलओ रेटिंग हासिल नहीं कर पाने के कारण उन्हें लगभग पांच साल तक इंतजार करना पड़ा.
6 साल की उम्र में खेलना शुरू किया
महज छह साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू करने वाले रतनवेल विश्व युवा अंडर-10 कांस्य पदक विजेता और कई वर्षों तक भारत के शीर्ष अंतरराष्ट्रीय मास्टरों में शामिल रहे हैं. रतनवेल ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मैं कई बार बहुत ग्रैडमास्टर नॉर्म हासिल करने के करीब पहुंचा, लेकिन हर बार चूक गया. इससे काफी निराशा होती है क्योंकि शतरंज मानसिक खेल है और ऐसे में आप खुद पर ही संदेह करने लगते हैं. इसका प्रदर्शन पर भी असर पड़ता है. आखिरकार 2500 रेटिंग पार करना बेहद संतोषजनक है.’’
उन्होंने कहा कि अब सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि वह बिना रेटिंग की चिंता किए खेल सकेंगे. रतनवेल ने कहा, ‘‘मैं अब बिना किसी तनाव के और अधिक सहज होकर खेल सकूंगा. मुझे लगता है कि इससे मेरा प्रदर्शन और बेहतर होगा.’’
अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) के अध्यक्ष नितिन नारंग ने वी एस रतनवेल को इस उपलब्धि पर बधाई दी. उन्होंने कहा, ‘रतनवेल के भारत के 99वें ग्रैंडमास्टर बनने से देश अब एक और बड़ी उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच गया है. अब भारत को 100वां ग्रैंडमास्टर बनाने के लिए सिर्फ एक खिलाड़ी की जरूरत है.’ उन्होंने कहा, ‘यह भारतीय शतरंज के लिए गर्व का पल है और रतनवेल की सफलता पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है.’
About the Author

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें







