संवाददाता@संदीप अग्रहरी…..

सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) म्योरपुर में गुरुवार को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र की 117 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 23 गर्भवती महिलाओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के लक्षण पाए गए, जिन्हें विशेष निगरानी में रखकर नियमित उपचार और फॉलोअप के निर्देश दिए गए।
शिविर में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन समेत अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए। साथ ही गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, नियमित प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), आयरन एवं कैल्शियम की दवा का सेवन तथा संस्थागत प्रसव के महत्व की जानकारी दी गई।

चिकित्सकों ने बताया कि हाई रिस्क श्रेणी में शामिल गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता उत्पन्न होने पर समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सके। महिलाओं को किसी भी असामान्य परेशानी की स्थिति में तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एचआरपी शिविरों का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान जोखिम वाली महिलाओं की समय रहते पहचान कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं से निर्धारित तिथि पर नियमित जांच कराने तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।





