संवाददाता@विशाल टंडन……
— कम बारिश से प्रभावित हो रही धान की खेती, बारिश के इंतजार में किसान

जनपद में इस बार मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान की रोपाई का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अधिकांश खेत सूखे पड़े हैं और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। जिन किसानों के पास नलकूप, बोरवेल या अन्य सिंचाई के साधन हैं, वे किसी तरह खेतों में पानी भरकर गड़नी का काम कर रहे हैं, जबकि सिंचाई की सुविधा से वंचित किसान अब तक रोपाई शुरू नहीं कर सके हैं।
रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक घुवास कला गांव के किसान पप्पू मौर्य ने बताया कि बारिश नहीं होने से धान का बीया भी सूखने लगा है। किसी तरह पानी की व्यवस्था कर नर्सरी को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 30 बीघे की खेती वैकल्पिक सिंचाई से करना संभव नहीं है और इस बार लागत निकलना भी मुश्किल दिखाई दे रहा है। इसी गांव की किसान कांति देवी ने बताया कि उनके पास केवल साढ़े छह विस्वा अपनी जमीन है, जबकि साढ़े चार बीघा खेत बटाई पर लेकर खेती करती हैं।

उनके पास बारिश के अलावा सिंचाई का कोई साधन नहीं है और नहर की नाली भी टूटी हुई है। उनका कहना है कि यदि समय पर बारिश नहीं हुई तो फसल के साथ-साथ खेत का किराया चुकाना भी मुश्किल हो जाएगा। रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के मानपुर गांव के किसान कन्हैया सिंह ने बताया कि लगभग 17 बीघे की खेती इस बार एक माह पीछे चल रही है।

किसी तरह धान की नर्सरी तैयार कर ली गई है, लेकिन खेतों में पानी न होने से रोपाई रुकी हुई है। जिन किसानों के पास बोरिंग है, वे सीमित क्षेत्र में रोपाई कर रहे हैं। किसानों का मानना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। फिलहाल पूरे जिले के किसान समय पर मानसून सक्रिय होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।





