संवाददाता@विशाल टंडन..…

भाकपा, माकपा और भाकपा (माले) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। प्रदर्शन के दौरान वामदलों ने लोकतांत्रिक अधिकारों पर बढ़ते हमलों का आरोप लगाते हुए विभिन्न मांगें उठाईं। वक्ताओं ने कहा कि देश में बुलडोजर कार्रवाई, फर्जी मुकदमे, जन आंदोलनों से पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद करने तथा धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है तथा दलित, महिला और अल्पसंख्यक उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

ज्ञापन के माध्यम से वामदलों ने जन आंदोलनों से पहले हाउस अरेस्ट और गैरकानूनी हिरासत पर रोक लगाने, शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनुमति सुनिश्चित करने, कथित फर्जी एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई रोकने, मजदूर आंदोलनों में गिरफ्तार लोगों की रिहाई तथा दलित छात्रा ललिता गौतम प्रकरण में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सोनभद्र जिला प्रशासन से कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित वर्तमान धरनास्थल के बजाय कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी उद्यान को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि मौजूदा स्थल पर शेड, पेयजल, शौचालय और अधिकारियों की उपलब्धता जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव आर.के. शर्मा, माकपा जिला सचिव नंद लाल आर्य, भाकपा (माले) जिला सचिव सुरेश कोल सहित कई वामपंथी नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।





