संवाददाता@विशाल टंडन……
— पेड़ों की कटान पर बवाल, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन; कंपनी स्थापना का ग्रामीणों ने किया विरोध

जिले में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना और पेड़ों की कटान के विरोध में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने आरोप लगाया कि शासन के वर्ष 2024 के निर्देशों और वन संरक्षण नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटान के लिए एनओसी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण और आदिवासी समुदाय के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और अवैध कटान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। इस बीच ग्रामीणों ने भी कंपनी स्थापना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कन्हैया चेरो ने कहा कि किसी भी कीमत पर कंपनी नहीं लगने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर लखनऊ व दिल्ली तक आंदोलन किया जाएगा।

बिंदु अगरिया ने आरोप लगाया कि कंपनी से प्रदूषण बढ़ेगा तथा जंगल, जमीन और प्राकृतिक अधिकार प्रभावित होंगे। राम बहाल ने कहा कि जंगल उनकी विरासत और पहचान हैं, इसलिए इसकी रक्षा हर हाल में की जाएगी। रामसेवक ने कहा कि कोरोना काल में क्षेत्र की स्वच्छ हवा और हरियाली का महत्व सभी ने देखा था, इसलिए पर्यावरण की रक्षा जरूरी है।
मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो पर्यावरण संरक्षण और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा।

इस दौरान विन्दू खरवार, गोपीनाथ चेरो, मुखलाल चेरो, गुलाब चेरो, बासमती गोड़, दीपक गोड़, दिनेश माझि, गुलाब बैगा, राजेस पनिका सहित बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष उपस्थित रहे।





