@जे0 के0…..

Sonbhadra। राष्ट्रीय लोकदल सोनभद्र द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित कर जुगैल थाना क्षेत्र के मीतापुर गांव के समीप सोन नदी में डूबने से तीन लोगों की हुई दुःखद मृत्यु की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि स्थानीय लोगों के अनुसार यह हादसा नदी में बालू खनन के दौरान बनाए गए गहरे गड्ढों के कारण हुआ है। क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से अवैध एवं अनियंत्रित खनन की शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।
राष्ट्रीय लोकदल ने आरोप लगाया है कि भारी मशीनों से किए जा रहे खनन के कारण सोन नदी की प्राकृतिक जलधारा प्रभावित हुई है तथा नदी का स्वरूप बदल गया है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों, पशुओं एवं जलचर जीवों के समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। साथ ही पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

पार्टी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी व्यक्तियों एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त मृतकों के आश्रित परिवारों को समुचित आर्थिक सहायता एवं अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें इस कठिन समय में राहत मिल सके।
राष्ट्रीय लोकदल सोनभद्र ने जनहित में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाने की अपेक्षा व्यक्त की है। मौके पर जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी समेत चंद्रशेखर विस्वकर्मा, विजय सिंह पटेल, विवेक चतुर्वेदी, प्रशांत विष्णु प्रताप सिंह, रविंद्र दुबे आदि लोग उपस्थित उक्त आशय की जानकारी जिला मिडिया प्रभारी विकास पाण्डेय ने दी





