संवाददात@ख्वाजा खान….

विकास खंड बभनी के घघरी–बभनी मुख्य मार्ग (जंगल मार्ग) के निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर मंगलवार को घघरी स्थित नर्सरी रोड पर ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। करीब 50 ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया तथा बाद में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
धरने में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाला घघरी–बभनी मार्ग लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। सड़क जर्जर एवं कच्ची होने के कारण प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों, महिलाओं और मरीजों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे कई बार संपर्क पूरी तरह बाधित हो जाता है।

धरना स्थल पर ग्रामीणों ने “रोड नहीं तो वोट नहीं”, “हम अपना अधिकार मांगते हैं, किसी से भीख नहीं मांगते हैं”, “सड़क हमारा अधिकार है, इसे लेकर रहेंगे” तथा “जनता की यही पुकार, पक्की सड़क अबकी बार” जैसे नारों के माध्यम से अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाया।
ग्रामीणों ने मांग की कि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले घघरी–बभनी मुख्य मार्ग का शीघ्र सर्वे कराकर पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। साथ ही प्रशासन द्वारा 45 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने तथा स्थायी निर्माण शुरू होने तक सड़क की मरम्मत कर उसे आवागमन योग्य बनाने की मांग की गई।

धरना कार्यक्रम के मुख्य संयोजक उमंग गुप्ता एवं विनय गुप्ता ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों के विकास और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 45 दिनों के भीतर प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो ग्रामीणों की सहमति से आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।
धरने में अच्छेलाल, रामविलास, भगवानदास, विक्रांत पटेल, बहादुर सोनी, अशोक कुमार गुप्ता, सोनू पटेल, जवाहिर लाल गोंड सहित लगभग 50 ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने क्षेत्र के विकास के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।





