मायावती ने 3 सितंबर को बड़े भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर के पद से हटाने के बाद 7 सितंबर को छोटे भतीजे ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर कोआर्डिनेट बनाया था। अब उन्होंने ईशान से भी जिम्मेदारी छीन ली है। मायावती का कहना है कि बसपा के मिशन की सफलता में किसी का रोड़ा बनना स्वीकार नहीं है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर निकालने के बाद छोटे भतीजे ईशान आनंद से भी जिम्मेदारी छीन ली है। ईशान को उन्होंने छह दिन पहले ही पार्टी का मुख्य सेक्टर कोआर्डिनेटर बनाया था। शनिवार को ‘एक्स’ पर लिखते हुए उन्होंने भाई आनंद कुमार के किसी बेटे को पार्टी में आगे कोई जिम्मेदारी न दिए जाने की प्रतिज्ञा भी ली। इसके साथ ही कहा कि मोह में पड़कर पार्टी का नुकसान नहीं होने दूंगी।
मायावती ने 3 सितंबर को बड़े भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर के पद से हटाने के बाद 7 सितंबर को छोटे भतीजे ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर कोआर्डिनेट बनाया। मायावती ने एक्स पर लिखा है कि बसपा के मिशन की सफलता में किसी का रोड़ा बनना स्वीकार नहीं है। मुझे केवल अपने ‘बहुजन समाज परिवार’ के हित, कल्याण व उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने की ही चिंता है। पार्टी संस्थापक कांशीराम की तरह मैंने अपने किसी भी सगे भाई-बहन और उनके परिवार के युवा सदस्यों तथा नजदीकी रिश्ते-नातों को पार्टी के कार्यों तक सीमित करके उन्हें सांसद, विधायक, मंत्री पद और अन्य किसी भी राजनीतिक लाभ के पदों से हमेशा दूर रखा है।
अविवाहित होने के नाते मजबूरी में अपने छोटे भाई को साथ रखना पड़ा
उन्होंने कहा है कि अविवाहित होने के नाते मुझे मजबूरी में अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार को साथ रखने की जरूरत पड़ी। वह मेरी देखभाल करने के साथ मेरी निगरानी में पार्टी की जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं, लेकिन इसका लाभ अब उनके परिवार के लोग उठाएं यह पार्टी और मूवमेंट हित में सही नहीं होगा। मेरा अंतिम फैसला और प्रतिज्ञा है कि आनंद कुमार के किसी बेटे को बसपा में छोटे-बड़े पद पर रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जाएगा।
अल्टीमेटम के बाद आकाश आनंद को हटाया था
बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को इस बार पार्टी से निकालने से पहले अल्टीमेटम दिया था। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा था कि आकाश को अब तभी जिम्मेदारी दी जा सकती है जब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास ले लें। इस अल्टीमेटम के बाद गुरुवार सुबह आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति को अलविदा कह दिया था। अशोक ने अपने एक्स अकाउंट पर राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास की घोषणा करने के साथ ही पार्टी के प्रति अपने समर्पण का पक्ष भी रखा।
मायावती ने भी तगड़ा पलटवार किया और एक्स अकाउंट पर आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने की घोषणा कर दी। उन्होंने बुधवार को एक्स पर की गई अपनी पोस्ट को रीपोस्ट न करने को लेकर आकाश पर तीखी टिप्पणी भी की। मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ की राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा काफी देर से उठाया गया पर सही कदम है। लोगों का यही कहना है कि यदि वह यह फैसला पहले ही ले लेते तो बसपा, बहुजन समाज और बहुजन मूवमेंट तथा उनके दामाद आकाश आनंद को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।
