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Alwar Morvi Singh Selected Indian Muay Thai Team: अलवर की 7वीं कक्षा की छात्रा मोरवी सिंह ने मलेशिया में 17 से 21 जून तक होने वाली वर्ल्ड स्कूल गेम्स मुआई थाई प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई है. वह इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली राजस्थान की एकमात्र बालिका खिलाड़ी हैं. कोच उत्तम सैनी के मार्गदर्शन में केवल 2 साल पहले मार्शल आर्ट्स शुरू करने वाली मोरवी 38 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. मुआई थाई थाईलैंड का राष्ट्रीय खेल है जिसे ‘आठ अंगों की कला’ भी कहा जाता है.
Alwar News: राजस्थान के अलवर जिले की 7वीं कक्षा की होनहार छात्रा मोरवी सिंह ने खेल जगत में एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. मोरवी सिंह का चयन मलेशिया में 17 से 21 जून तक आयोजित होने वाली वर्ल्ड स्कूल गेम्स मुआई थाई प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में हुआ है. सबसे गौरव की बात यह है कि मोरवी इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र बालिका खिलाड़ी हैं. महज दो साल पहले मार्शल आर्ट की दुनिया में कदम रखने वाली मोरवी ने अपनी कड़ी मेहनत से देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है.
अपनी इस शानदार सफलता पर बात करते हुए मोरवी सिंह ने बताया कि मुआई थाई खेल की शुरुआत करने से पहले वह स्केटिंग खिलाड़ी थीं. स्केटिंग के दौरान ही उनकी मुलाकात मार्शल आर्ट्स कोच उत्तम सैनी से हुई, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने सबसे पहले ताइक्वांडो खेलना शुरू किया. ताइक्वांडो की बारीकियां सीखते समय कोच ने उन्हें ‘मुआई थाई’ खेल के बारे में जानकारी दी. खेल के प्रति मोरवी के जुनून को देखते हुए कोच ने उन्हें इस खेल का कड़ा अभ्यास कराना शुरू कर दिया. मोरवी ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई और खेल के बीच बेहतरीन संतुलन बनाती हैं. वह रोजाना पढ़ाई के लिए दो घंटे का समय निश्चित रूप से देती हैं और अपने फ्री टाइम को खेल के अभ्यास में लगाती हैं.
परिवार, कोच और स्कूल का मिला पूरा सपोर्ट
मोरवी सिंह ने अपनी इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच उत्तम सैनी, अपने स्कूल और दोस्तों को दिया है. उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनके परिवार और स्कूल ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से पूरा सपोर्ट किया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा. इसी का सुखद परिणाम है कि आज वह मलेशिया की धरती पर 38 किलोग्राम भार वर्ग में भारतीय टीम की तरफ से रिंग में उतरकर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.
जयपुर ट्रायल में 7 खिलाड़ियों में से केवल मोरवी का हुआ चयन
मोरवी सिंह के मुख्य कोच उत्तम सैनी ने बताया कि मुआई थाई खेल की नेशनल फेडरेशन द्वारा मार्च के महीने में जयपुर में एक विशेष चयन ट्रायल का आयोजन किया गया था. इस ट्रायल में अलवर जिले से करीब 7 प्रतिभावान बच्चों ने भाग लिया था, जिनमें से केवल मोरवी सिंह ने अपनी बेहतरीन तकनीक और फिजिकल फिटनेस के दम पर भारतीय स्कूल टीम में अपनी जगह पक्की की. कोच ने बताया कि वर्तमान में अलवर जिले में करीब 700 बच्चे विभिन्न मार्शल आर्ट्स की प्रैक्टिस कर रहे हैं, जिनमें से 182 बच्चे विशेष रूप से मुआई थाई का कड़ा प्रशिक्षण ले रहे हैं.
क्या है ‘मुआई थाई’ और क्यों है यह खास?
कोच उत्तम सैनी ने इस खेल के बारे में तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुआई थाई मूल रूप से थाईलैंड का राष्ट्रीय खेल है. यह खेल चीन की पारंपरिक मार्शल आर्ट और प्रमुख राष्ट्रीय खेलों में शामिल ‘वुशु’ से काफी मिलता-जुलता है.
- आठ अंगों की कला: मुआई थाई को मार्शल आर्ट की दुनिया में ‘आठ अंगों की कला’ (Art of Eight Limbs) कहा जाता है.
- आक्रमण की तकनीक: इस खेल में खिलाड़ी अपने दोनों हाथ, कोहनी, पिंडली (शिन) और पैरों के घुटनों का सटीक उपयोग करके अपने प्रतिद्वंदी पर आक्रमण करता है.
कोच सैनी ने अंत में कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए फिजिकल फिटनेस, खुद की कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन और परिवार का अटूट सहयोग ही सफलता की असली कुंजी होती है और मोरवी के पास यह सब कुछ है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें






