संवाददाता@विशाल टंडन…

राबर्ट्सगंज स्थित मेले में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बाल श्रम एवं मानव तस्करी की रोकथाम के उद्देश्य से बुधवार को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के नेतृत्व में संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) इकाई और श्रम विभाग की टीम भी शामिल रही।
निरीक्षण दल में चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक मुकेश सिंह, काउंसलर अमन सोनकर, एएचटी प्रभारी राम दरस, एएचटी के धनंजय सिंह तथा श्रम निरीक्षक मनोज शर्मा मौजूद रहे। टीम ने मेले में लगे झूलों, फूड स्टॉल, दुकानों और अस्थायी ढाबों का गहन निरीक्षण किया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बाल श्रम और किसी भी प्रकार के शोषण से बचाना था। निरीक्षण के दौरान टीम ने श्रमिकों की पहचान और कार्य की स्थिति की जांच की तथा संबंधित लोगों को बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी दी।

परियोजना समन्वयक मुकेश सिंह ने कहा कि किसी भी बच्चे के संकट में होने की सूचना मिलने पर हेल्पलाइन 1098 पर तत्काल संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें।
एएचटी प्रभारी राम दरस ने बताया कि मानव तस्करी की रोकथाम के लिए एएचटी की टीमें लगातार निगरानी और गश्त कर रही हैं। उन्होंने मेले में कार्यरत लोगों को बिना पहचान पत्र सत्यापन के किसी को रोजगार न देने की सलाह दी।
श्रम निरीक्षक मनोज शर्मा ने कहा कि बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान टीम ने मेले में हेल्पलाइन 1098 से संबंधित पंपलेट वितरित कर लोगों को बाल अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया। निरीक्षण के दौरान कहीं भी नाबालिग बच्चों से श्रम कराए जाने का मामला सामने नहीं आया, जिससे अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया।





