संवाददाता@विशाल टंडन…..
— गुरुद्वारा के पास दो बुजुर्ग समेत 15–20 लोग बने शिकार, नगरवासियों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग

रॉबर्ट्सगंज नगर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार दोपहर गुरुद्वारा के पास एक आवारा कुत्ते ने अचानक राहगीरों पर हमला कर दिया। करीब एक घंटे तक कुत्ते ने इलाके में उत्पात मचाया और 15 से 20 लोगों को अपना शिकार बना लिया। घटना में न्यू कॉलोनी निवासी राजू सोनी (49), दरोगा जी की गली निवासी अब्बास सिद्दीकी (25), आसिफ अली (26), अली हमजा (17), पुरब मोहाल निवासी गोलू (24), कैथी निवासी बाल गोविंद यादव (75), राजकुमार (52), राजेंद्र शर्मा (55) सहित कई लोग घायल हुए। घायलों में दो बुजुर्ग भी शामिल हैं।

मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रॉबर्ट्सगंज में राजू सोनी, बाल गोविंद यादव समेत करीब 10 घायलों ने एंटी-रेबीज टीका लगवाया। घायलों ने बताया कि राहत की बात यह रही कि कुत्ते ने किसी बच्चे को अपना शिकार नहीं बनाया। घटना के दौरान लोगों ने आसपास मौजूद नागरिकों को सतर्क कर दिया, लेकिन इसके बावजूद कुत्ता लगातार लोगों पर हमला करता रहा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्ता काफी देर तक क्षेत्र में इधर-उधर दौड़ता रहा और सामने आने वाले लोगों को काटता रहा। इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए कुत्ते को वहां से भगाया। घटना के बाद नगरवासियों में रोष है। लोगों का कहना है कि रॉबर्ट्सगंज में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रभावी एवं स्थायी अभियान चलाने की मांग की है। मेडिकल कॉलेज के सहायक प्राचार्य डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि कुत्ता काटने के बाद घाव को तुरंत कम से कम 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए।

इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना आवश्यक है। यदि घाव गहरा हो तो चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन भी लगवाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कुत्ता काटने की घटना को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि समय पर उपचार ही रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।





