संवाददाता@विशाल टंडन….

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर सोनभद्र विकास समिति एवं सीआरवाई संस्था के संयुक्त तत्वावधान में रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के अमौली और माईधिया गांवों में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को श्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रति समाज को जागरूक करना था।
अभियान के तहत अमौली, माईधिया, रैपुरा, केरवा, सिलहटा, कुकराही और भुइरान गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के बीच मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया। खिलाड़ियों और दर्शकों ने बाल श्रम को प्रतीकात्मक रूप से ‘रेड कार्ड’ दिखाकर समाज से समाप्त करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में ‘सामुदायिक रेड कार्ड सर्कल’ का भी निर्माण किया गया, जहां उपस्थित ग्रामीणों और अभिभावकों ने अपने बच्चों को बाल श्रम से दूर रखने तथा नियमित रूप से विद्यालय भेजने की सामूहिक शपथ ली। लोगों ने सुरक्षित और शिक्षित बचपन के लिए सामुदायिक स्तर पर सहयोग करने का भी संकल्प व्यक्त किया।
सोनभद्र विकास समिति के सचिव राजेश चौबे ने कहा कि बच्चों के हाथों में मजदूरी नहीं बल्कि शिक्षा और कलम होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अमौली और माईधिया समेत सातों गांवों को ‘सुरक्षित बचपन क्षेत्र’ के रूप में विकसित करना संस्था का प्रमुख लक्ष्य है।

कार्यक्रम में काउंसलर साधना सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता रीमा, रीना शर्मा, सुनीता, अमरजीत, दिनेश विश्वकर्मा तथा संस्था के समन्वयक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बाल श्रम के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा का मजबूत संदेश दिया गया।





