संवाददाता@संदीप अग्रहरी…..
— जैविक हल्दी व रागी की खरीद को लेकर एमओयू पर बनी सहमति, व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर हुआ मंथन

समुन्नति फाउंडेशन, वाराणसी के तत्वावधान में गाजीपुर, वाराणसी एवं मीरजापुर की एफपीसी (Farmer Producer Companies) के निदेशक मंडल, सीईओ एवं स्टाफ सहित 30 सदस्यीय टीम ने 26-27 सितंबर को बनवासी सेवा आश्रम, गोविंदपुर का दो दिवसीय शैक्षणिक एवं एक्सपोजर भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य ग्रामीण विकास, सामुदायिक सहभागिता, स्वावलंबन तथा सफल ग्रामीण उद्यमों की कार्यप्रणाली को करीब से समझना रहा।
भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को बनवासी सेवा आश्रम की कार्ययात्रा एवं ग्रामीण विकास के प्रयासों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘मार्गदर्शन’ दिखाई गई। इसके बाद विमल भाई जी ने आश्रम की विभिन्न गतिविधियों, कार्यक्रमों और ग्रामीण समुदाय के साथ किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। आश्रम के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा किए।

जैविक उत्पादों की खरीद को लेकर एमओयू पर चर्चा :
भ्रमण के दौरान एफपीसी के निदेशकों ने बनवासी सेवा आश्रम परिसर में उत्पादित जैविक हल्दी एवं रागी की खरीद के लिए एमओयू करने का प्रस्ताव रखा। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उत्पादित जैविक कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और एफपीसी के माध्यम से उनके व्यापार को विस्तार देना है।
दोनों पक्षों के बीच भविष्य में अन्य कृषि एवं ग्रामीण उत्पादों के व्यापार को भी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। आपसी सहयोग से किसानों एवं ग्रामीण उत्पादकों को बाजार से जोड़ने और नए व्यावसायिक अवसर विकसित करने पर जोर दिया गया।

रोल मॉडल एंटरप्राइजेज से मिली व्यावहारिक जानकारी : एक्सपोजर विजिट के दौरान टीम ने रोल मॉडल एंटरप्राइजेज की कार्यप्रणाली, व्यवसाय संचालन, उत्पाद संग्रहण, विपणन एवं बाजार से जुड़ाव की जानकारी प्राप्त की। एफपीसी के बीओडी एवं सीईओ ने सफल व्यवसाय मॉडल और कारोबार को टिकाऊ बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा।
समुन्नति फाउंडेशन और बनवासी सेवा आश्रम के बीच अनुभवों एवं कार्यपद्धतियों का यह आदान-प्रदान ग्रामीण विकास, जैविक कृषि, स्वावलंबन और किसान आधारित उद्यमों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। भ्रमण के समन्वयक प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही।