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नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में क्लासिकल बाजी में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ने कमाल कर दिया. प्रज्ञाननंदा ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार हराकर खिताब जीतने के लिए एक और मजबूत कदम बढ़ाया है. वहीं, भारत के डी गुकेश हारकर खिताबी रेस से लगभग बाहर हो गए हैं.
आर प्रज्ञाननंदा ने मैग्नस कार्लसन को हराया
नई दिल्ली: भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ने नॉर्वे के दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हरा दिया. प्रज्ञाननंदा ने कार्लसन के खिलाफ अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में क्लासिकल बाजी में उन्हें दूसरी बार हराया और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहले भारतीय चैंपियन बनने की अपनी दावेदारी को मजबूत किया. प्रज्ञाननंदा इस साल क्लासिकल बाजी में कार्लसन को दो बार हराने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं. इस एलीट डबल राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता में उन्होंने पहले भी कार्लसन को क्लासिकल बाजी में हराया था.
इस जीत से 20 वर्षीय प्रज्ञाननंदा के 12 अंक हो गए और वह तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. दूसरी तरफ इस हार से कार्लसन की आठवीं बार नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है. अब केवल दो राउंड का खेल बचा हुआ है और ऐसे में मौजूदा चैंपियन कार्लसन के लिए खिताब बचाना आसान नहीं होगा. कार्लसन का यह अभियान अप्रत्याशित रूप से उथल-पुथल भरा रहा है, जिसमें उन्हें चार बार क्लासिकल बाजी में हार का सामना करना पड़ा. इनमें से दो बार उन्हें प्रज्ञाननंदा ने हराया. इस तरह से वह विश्व के नंबर एक खिलाड़ी के वर्चस्व को चुनौती देने वाले प्रमुख खिलाड़ी बन गए हैं
डी गुकेश के लिए खिताब की उम्मीद लगभग खत्म
इस बीच अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए आर्मागेडन टाई-ब्रेक में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर अपने अंकों की संख्या 14 पर पहुंचा दी है. फ्रांस के अलीरेज़ा फ़िरोजा ने क्लासिकल मुकाबले में मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश को हराकर 13 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल कर लिया.
इस हार के साथ ही गुकेश की नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं. इस भारतीय खिलाड़ी के अभी केवल आठ अंक हैं और वह अपने अगले दो मैच क्लासिकल में जीतने पर भी 14 अंक तक ही पहुंच सकते हैं. यह टूर्नामेंट में गुकेश की क्लासिकल बाजी में तीसरी हार थी. इससे उनकी इस साल के आखिर में उज्बेक चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप के अपने खिताब का बचाव करने की तैयारी को भी झटका लगा है.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें







