संवाददाता@विशाल टंडन…..

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जनपद सोनभद्र में इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। भीषण गर्मी के बीच जहां पानी की आवश्यकता सबसे अधिक है, वहीं रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के ग्राम जैत के ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर घोरावल मुख्य मार्ग पर स्थित इस गांव में जलापूर्ति व्यवस्था अधूरी पड़ी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय रिकॉर्ड में गांव को जलापूर्ति से आच्छादित दिखाया जा रहा है, जबकि अधिकांश घरों तक न तो नियमित पानी पहुंच रहा है और न ही सभी जगह कनेक्शन का कार्य पूरा हुआ है। गांव के दक्षिणी छोर पर मुख्य मार्ग के किनारे स्थित कुछ घरों में पानी पहुंच भी रहा है तो उसका दबाव बेहद कम है। वहीं उत्तरी हिस्से में अब तक पाइपलाइन और कनेक्शन का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। गांव निवासी कलवंत ने बताया कि योजना का लाभ केवल कागजों तक सीमित है।

उन्होंने कहा कि जिन घरों में पानी आता भी है, वहां फ्लो इतना कम है कि दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाता है। आलोक यादव ने बताया कि गांव में करीब 100 परिवार रहते हैं और गर्मी के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों को आधा किलोमीटर दूर लगे हैंडपंपों से पानी ढोना पड़ता है या फिर टैंकरों के भरोसे रहना पड़ता है।
नबाब यादव ने बताया कि उनके घर में लगभग एक वर्ष पहले जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन लगाया गया था, लेकिन आज तक एक बूंद पानी नहीं आया। उन्होंने कहा कि “कनेक्शन अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है।” वहीं सुधा सिंह के अनुसार गर्मी के मौसम में लोगों को दूसरे घरों से पानी मांगकर काम चलाना पड़ता है। जिन परिवारों के पास निजी बोरिंग है, उन्हीं के सहारे कई घरों की जरूरतें पूरी हो रही हैं।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गणेश प्रसाद ने भी योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांव में अभी तक लगभग 10 प्रतिशत ही कार्य पूरा हुआ है, जबकि विभागीय अभिलेखों में पूरे गांव में जलापूर्ति दर्शाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत की ओर से हैंडपंपों की मरम्मत, टैंकर और टंकियों के माध्यम से ग्रामीणों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल जीवन मिशन की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द सभी घरों तक सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।

इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि जैत गांव में पानी की सप्लाई निपराज टंकी से की जाती है, जिससे लगभग 12 गांवों में जलापूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि गांव में पाइपलाइन का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से कराया जा रहा है। कार्य पूर्ण होते ही जलापूर्ति सुचारु रूप से शुरू कर दी जाएगी।





