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Sonbhadra । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम की समीक्षा करते हुए सभी जनपदों के अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में डोपलर वेदर रडार, एडब्ल्यूएस एवं एआरजी स्टेशन, सेटेलाइट इमेज, लाइटनिंग सेंसर सहित मौसम विभाग की आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मौसम में हो रहे बदलावों तथा भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से हुई जनहानि, पशु हानि एवं मकान क्षति पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि आपदा मित्रों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखा जाए तथा पूर्व चेतावनी प्रणाली को गांव स्तर तक मजबूत किया जाए, ताकि आमजन को समय से सूचना उपलब्ध हो सके और जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम को सुदृढ़ करने तथा राहत आयुक्त एवं मौसम विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ होना चाहिए। प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाए तथा भूमिहीन प्रभावितों को पट्टा उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ नेजनपद स्तरीय अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की तैयारियां और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव स्तर तक सचिव, पंचायत सहायक, ग्राम प्रधान, चौकीदार, सफाई कर्मी एवं लेखपालों के माध्यम से सूचना तंत्र सक्रिय रखने को कहा।
साथ ही तालाब, पोखरा, झील एवं कुओं पर चेतावनी पट्ट लगाने, सरकारी राशन दुकानों एवं विद्यालयों में “क्या करें, क्या न करें” संबंधी जागरूकता अभियान चलाने तथा आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। जंगलों में आग की घटनाओं की रोकथाम हेतु वन एवं अग्निशमन विभाग को समन्वय के साथ सक्रिय रहने को भी कहा गया।
